द लांसेट पब्लिक हेल्थ के एक नए अध्ययन के अनुसार, दुनिया भर में लोग अब अधिक वर्षों तक जीवित तो रह रहे हैं, लेकिन खराब स्वास्थ्य के साथ। 1990 की तुलना में 'मर्बिडिटी गैप' (बीमारी का अंतर) में भारी वृद्धि देखी गई है।

मुख्य बातें

  • वैश्विक स्तर पर लोग अब अपने जीवन का औसतन 14.5% हिस्सा खराब स्वास्थ्य में बिता रहे हैं।
  • मर्बिडिटी गैप (कुल जीवन प्रत्याशा और स्वस्थ जीवन प्रत्याशा के बीच का अंतर) 1990 में 8.8 वर्ष था, जो 2023 में बढ़कर 10.7 वर्ष हो गया है।
  • महिलाओं में पुरुषों की तुलना में बीमारी का अंतर अधिक देखा गया है।
  • पीठ दर्द और मानसिक विकार (अवसाद और चिंता) बीमारी के सबसे बड़े कारण हैं।

द लांसेट पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन ने एक चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर किया है। शोध के अनुसार, हालांकि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के कारण मानव जीवन प्रत्याशा बढ़ी है, लेकिन 'स्वस्थ जीवन प्रत्याशा' (Healthy Life Expectancy) में वैसी वृद्धि नहीं हुई है। इसका परिणाम यह है कि लोग अब अपने जीवन के अधिक वर्ष बीमारियों और विकलांगता के साथ बिता रहे हैं।

भारत की स्थिति

भारत के संदर्भ में आंकड़े और भी गंभीर हैं। अध्ययन के अनुसार, भारत में 1990 में मर्बिडिटी गैप 8.4 वर्ष था, जो 2023 में बढ़कर 10.6 वर्ष हो गया है। जहाँ भारत में कुल जीवन प्रत्याशा 71.6 वर्ष है, वहीं स्वस्थ जीवन प्रत्याशा केवल 61.0 वर्ष ही रह गई है। यह दर्शाता है कि भारतीय वयस्क अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण हिस्से में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

महिलाएं और स्वास्थ्य का संकट

अध्ययन में एक महत्वपूर्ण अंतर यह भी पाया गया कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहती हैं, लेकिन वे अधिक वर्षों तक खराब स्वास्थ्य का सामना भी करती हैं। वैश्विक स्तर पर महिलाओं के लिए मर्बिडिटी गैप 12.1 वर्ष है, जबकि पुरुषों के लिए यह 9.3 वर्ष है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि केवल जीवन को लंबा करना पर्याप्त नहीं है; जीवन की गुणवत्ता सर्वोपरि है। यदि हम केवल उम्र बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (preventive healthcare) को नजरअंदाज करते हैं, तो स्वास्थ्य प्रणालियों पर आर्थिक और सामाजिक बोझ बढ़ता जाएगा।

"भविष्य की प्रगति केवल लोगों को लंबे समय तक जीने में मदद करने से नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवन जीने में मदद करने से आएगी।" - डॉ. क्रिस्टोफर मरे
क्या आप जानते हैं?: मांसपेशियों और हड्डियों से संबंधित विकार, विशेष रूप से पीठ का निचला हिस्सा दर्द, दुनिया भर में बीमारी के बढ़ते अंतर का सबसे बड़ा कारण है।
क्षेत्र1990 मर्बिडिटी गैप2023 मर्बिडिटी गैप
वैश्विक (Global)8.8 वर्ष10.7 वर्ष
भारत (India)8.4 वर्ष10.6 वर्ष
महिलाएं (Global)-12.1 वर्ष

Frequently Asked Questions

1. मर्बिडिटी गैप क्या है?
यह कुल जीवन प्रत्याशा (आप कितने साल जीते हैं) और स्वस्थ जीवन प्रत्याशा (आप कितने साल बिना बीमारी के जीते हैं) के बीच का अंतर है।

2. बीमारी का सबसे बड़ा कारण क्या है?
अध्ययन के अनुसार, पीठ दर्द और मानसिक विकार जैसे अवसाद और चिंता प्रमुख कारण हैं।