चेन्नई के प्रतिष्ठित कांची कामकोटी चिल्ड्स ट्रस्ट अस्पताल (KKCTH) ने सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीड़ित बच्चों के लिए एक विशेष मल्टी-डिसिप्लिनरी क्लिनिक की शुरुआत की है। यह क्लिनिक निदान, उपचार और दीर्घकालिक प्रबंधन को एक ही स्थान पर लाकर परिवारों का बोझ कम करेगा।
मुख्य बातें
- सिस्टिक फाइब्रोसिस के लिए चेन्नई में पहली बार एकीकृत क्लिनिक की शुरुआत।
- निदान, पल्मोनोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और पोषण संबंधी देखभाल एक ही छत के नीचे।
- जटिल सर्जरी के बजाय आधुनिक ब्रोंकोस्कोपिक उपचारों पर जोर।
- यह क्लिनिक हर महीने के दूसरे शनिवार को संचालित होगा।
चेन्नई स्थित कांची कामकोटी चिल्ड्स ट्रस्ट अस्पताल (KKCTH) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिस्टिक फाइब्रोसिस से जूझ रहे बच्चों के लिए एक समर्पित मल्टी-डिसिप्लिनरी क्लिनिक लॉन्च किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के निदान, उपचार और दीर्घकालिक प्रबंधन को एक ही छत के नीचे लाना है, जिससे परिवारों को अलग-अलग विशेषज्ञों के पास भटकने से मुक्ति मिल सके।
अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर, जननी शंकर ने बताया कि सिस्टिक फाइब्रोसिस एक आनुवंशिक विकार है, जो शरीर में गाढ़ा बलगम जमा कर देता है और कई अंगों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले फेफड़ों के संक्रमण, तैलीय मल और अपर्याप्त वजन बढ़ने जैसे लक्षण अक्सर शुरुआती निदान को कठिन बना देते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में सिस्टिक फाइब्रोसिस का बोझ काफी अधिक है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई मामले अनसुने रह जाते हैं। बाल चिकित्सा गहन देखभाल प्रमुख, बाला रामचंद्रन के अनुसार, भारत में प्रति 10,000 जीवित जन्मों में से एक बच्चे में यह बीमारी होने का अनुमान है। यह स्थिति न केवल फेफड़ों को प्रभावित करती है, बल्कि मधुमेह और पोषण संबंधी कमियों का कारण भी बन सकती है।
जल्द निदान फेफड़ों के कार्य को सुरक्षित रखने की कुंजी है, और एकीकृत देखभाल से उपचार का पालन करना आसान हो जाता है।
अस्पताल अब उन्नत बाल चिकित्सा इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी सेवाएं भी प्रदान कर रहा है, जिसमें एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड और ब्रोंकोस्कोपिक क्रायोथेरेपी शामिल हैं। ये तकनीकें बच्चों को दर्दनाक सर्जरी से बचाने में मदद करती हैं और उनके ठीक होने की प्रक्रिया को तेज करती हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसे दुर्लभ आनुवंशिक विकारों के लिए भारत में विशिष्ट देखभाल केंद्रों की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है। पारंपरिक रूप से, परिवारों को पल्मोनोलॉजिस्ट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और पोषण विशेषज्ञों के बीच तालमेल बिठाने के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जो आर्थिक और भावनात्मक रूप से थका देने वाला होता था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. यह क्लिनिक कब काम करेगा?
यह क्लिनिक हर महीने के दूसरे शनिवार को संचालित किया जाएगा।
2. क्लिनिक में कौन-कौन सी सेवाएं उपलब्ध हैं?
इसमें पल्मोनोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, पोषण और मनोवैज्ञानिक देखभाल शामिल है।