चेन्नई के सरकारी संस्थान ऑफ चाइल्ड हेल्थ (ICH) में 'ऑन्कोलॉजी किचन' कैंसर से जूझ रहे बच्चों को मुफ्त और पौष्टिक भोजन प्रदान कर उनके परिवारों को बड़ी राहत दे रहा है।

मुख्य बातें

  • एग्मोर के ICH अस्पताल में कैंसर के मरीजों के लिए विशेष 'ऑन्कोलॉजी किचन' संचालित है।
  • मायर्टल सोशल वेलफेयर नेटवर्क द्वारा संचालित यह किचन पूरी तरह से मुफ्त भोजन प्रदान करता है।
  • यह किचन केवल भोजन ही नहीं, बल्कि बच्चों के पोषण संबंधी जटिल मुद्दों का समाधान भी करता है।

कैंसर के इलाज के दौरान पोषण की कमी एक बड़ी चुनौती बन जाती है। चेन्नई के एग्मोर स्थित सरकारी इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ (ICH) में, डॉक्टर न केवल दवाओं से लड़ रहे हैं, बल्कि 'ऑन्कोलॉजी किचन' के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ भी एक महत्वपूर्ण युद्ध लड़ रहे हैं। यह किचन कैंसर और थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों की विशिष्ट पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बनाया गया है।

इस पहल का संचालन मायर्टल सोशल वेलफेयर नेटवर्क (Myrtle Social Welfare Network) द्वारा किया जा रहा है। सोमवार से शनिवार तक, सुबह 10 से 11 बजे के बीच, इस किचन से स्वास्थ्यवर्धक भोजन की खुशबू कैंसर वार्ड के कमरों तक पहुँचती है। यहाँ बच्चों को चावल की कांजी, हेल्थ मिक्स, कटे हुए फल, दूध, उबले अंडे और अंकुरित अनाज जैसे पौष्टिक आहार दिए जाते हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, कैंसर का उपचार अक्सर शरीर को अत्यधिक कमजोर कर देता है, जिससे वजन कम होना और रक्त कोशिकाओं की संख्या में गिरावट आना आम है। 'ऑन्कोलॉजी किचन' केवल भोजन नहीं देता, बल्कि यह इलाज का एक अभिन्न हिस्सा है। उदाहरण के तौर पर, 'देवयनी' नामक एक बच्ची, जो उपचार के बाद बेहद कमजोर हो गई थी, इस किचन के नियमित पोषण से फिर से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकी।

कैंसर के उपचार में पोषण केवल एक सहायक सेवा नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है।

यह सेवा अभिभावकों के लिए एक मानसिक राहत भी है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के बीच, पौष्टिक भोजन की चिंता और उसका खर्च उठाना परिवारों के लिए बहुत कठिन होता है। यह किचन यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी बच्चा पोषण की कमी के कारण उपचार में पीछे न छूटे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस किचन की प्रेरणा 2015 में मिली, जब संस्था के संस्थापक जी.वी. विलियम्स ने अपनी एक मित्र की बेटी को कैंसर के कारण खो दिया था। उस बच्ची की अंतिम इच्छा थी कि कोई भी कैंसर पीड़ित बच्चा उपेक्षित न रहे। इसी उद्देश्य के साथ 18 अप्रैल, 2024 को ICH में इस किचन की शुरुआत की गई थी।

क्या आप जानते हैं?: यह किचन हर हफ्ते 300 से 360 भोजन तैयार करता है, जिसका साप्ताहिक खर्च लगभग ₹40,000 से ₹50,000 के बीच होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या इस किचन का भोजन मुफ्त है?
हाँ, मायर्टल सोशल वेलफेयर नेटवर्क द्वारा संचालित यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है।

2. क्या भोजन का मेनू बच्चों की बीमारी के अनुसार बदला जा सकता है?
हाँ, ऑन्कोलॉजिस्ट के परामर्श के आधार पर बच्चों के लिए विशेष आहार योजना (Customized Diet Plan) तैयार की जाती है।