इंडिया ऑटिज्म सेंटर (IAC) ने एक श्वेत पत्र जारी कर विकलांगता सहायता, थेरेपी और पुनर्वास सेवाओं पर GST को समाप्त करने की सिफारिश की है, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
मुख्य बातें
- IAC ने विकलांगता सहायता सेवाओं पर 0% GST की मांग की है।
- वर्तमान टैक्स ढांचा केवल 'गंभीर' विकलांगता वाले लोगों तक सीमित है, जिससे मध्यम स्तर की जरूरतों वाले लोग छूट से वंचित रह जाते हैं।
- थेरेपी और पुनर्वास पर टैक्स परिवारों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बन रहा है।
- रिपोर्ट में 'प्रदाता-आधारित' के बजाय 'सेवा-आधारित' टैक्स छूट का सुझाव दिया गया है।
कोलकाता स्थित इंडिया ऑटिज्म सेंटर (IAC) ने एक महत्वपूर्ण श्वेत पत्र जारी किया है, जिसमें विकलांगता सहायता सेवाओं जैसे कि थेरेपी, पुनर्वास और सामुदायिक देखभाल को वस्तु एवं सेवा कर (GST) से मुक्त करने की सिफारिश की गई है। संस्था का तर्क है कि इन आवश्यक सेवाओं पर कर लगाना विकलांगों के लिए देखभाल तक पहुंच में एक संरचनात्मक बाधा पैदा करता है और परिवारों पर दीर्घकालिक वित्तीय बोझ डालता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वर्तमान कर प्रणाली विकलांगता के बहुआयामी स्वरूप को समझने में विफल रही है। श्वेत पत्र के अनुसार, वर्तमान में टैक्स छूट केवल 'चैरिटेबल गतिविधियों' की एक संकीर्ण परिभाषा तक सीमित है, जो केवल उन लोगों पर लागू होती है जिन्हें 'गंभीर' विकलांगता है। इससे वे लाखों लोग बाहर हो जाते हैं जिन्हें निरंतर सहायता की आवश्यकता होती है लेकिन वे निर्धारित सीमा (threshold) को पूरा नहीं करते।
"ऑटिज्म और विकलांगता जीवन भर की स्थितियां हैं। एक माता-पिता को अक्सर बच्चे की देखभाल के लिए नौकरी छोड़नी पड़ती है, जिससे आय कम हो जाती है और खर्च बढ़ जाता है।" - श्रीरूपा चक्रवर्ती, स्ट्रैटेजी लीड, IAC
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महानगरों में थेरेपी की लागत प्रति माह ₹30,000 तक पहुंच सकती है। विकलांगता से संबंधित खर्च घरेलू मासिक उपभोग व्यय का लगभग 20.32% हिस्सा होते हैं, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट का सामना करते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में विकलांगता अधिकारों के लिए संघर्ष दशकों पुराना है। संयुक्त राष्ट्र विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों पर कन्वेंशन (UNCRPD) का हस्ताक्षरकर्ता होने के नाते, भारत पर यह जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि आवश्यक सेवाएं कर नीतियों के कारण बाधित न हों। ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों ने पहले ही सेवा-आधारित टैक्स ढांचे को अपना लिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. IAC किस प्रकार की टैक्स छूट की मांग कर रहा है?
IAC ने थेरेपी, पुनर्वास और सामुदायिक देखभाल जैसी सेवाओं पर 0% GST की मांग की है।
2. वर्तमान GST नियमों में क्या कमी है?
वर्तमान नियम केवल 'गंभीर' विकलांगता वाले व्यक्तियों को ही छूट देते हैं, जबकि सहायता की आवश्यकता सेवा की प्रकृति पर आधारित होनी चाहिए न कि केवल विकलांगता की गंभीरता पर।