अभिनेत्री किशवर मर्चेंट ने गर्भावस्था के दौरान थायरॉइड समस्या और उसके कारण वजन घटाने में कठिनाई के बारे में खुलकर बताया। विशेषज्ञ बताते हैं कि पोस्ट‑पार्टम थायरॉइडाइटिस कैसे उत्पन्न होता है और वजन प्रबंधन में क्या सच‑सच है।

मुख्य बिंदु

  • गर्भावस्था के बाद थायरॉइड समस्याएँ आम हैं।
  • हाइपोथायरॉइडिज़्म मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर वजन घटाना कठिन बनाता है।
  • दवा और जीवनशैली दोनों का संतुलन आवश्यक है।

अभिनेत्री किशवर मर्चेंट ने हाल ही में गैलाटा इंडिया को बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें थायरॉइड की समस्या विकसित हुई और वजन घटाने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मैं गर्भवती होते ही थायरॉइड के रोग से ग्रस्त हो गई। थायरॉइड के साथ वजन घटाना बहुत कठिन है।” यह खुलासा कई महिलाओं के साथ गूँजता है जो प्रसव के बाद वजन और ऊर्जा में परिवर्तन महसूस करती हैं।

डॉ. संदीप खरब, वरिष्ठ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, बताते हैं कि गर्भावस्था के दौरान इम्यून सिस्टम में बदलाव थायरॉइड को प्रभावित कर सकते हैं। “प्रसवोत्तर थायरॉइडाइटिस एक सामान्य स्थिति है, जिसमें पहले हाइपरथायरॉडिज़्म और बाद में हाइपॉथायरॉडिज़्म हो सकता है,” उन्होंने कहा। परिवार में थायरॉइड रोग का इतिहास या ऑटोइम्यून बीमारियों वाले महिलाओं में जोखिम अधिक होता है।

हाइपोथायरॉइडिज़्म शरीर की मेटाबॉलिक दर को कम कर देता है, जिससे कैलोरी बर्निंग घटती है। इससे थकान, पानी की जकड़न और वजन बढ़ना या घटाने में कठिनाई हो सकती है। “थायरॉइड विकार केवल एक कारक है; आहार, व्यायाम, नींद, तनाव और जीन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,” डॉ. खरब ने जोड़ते हुए कहा।

दवा से थायरॉइड हार्मोन स्तर सामान्य होने पर मेटाबॉलिज़्म में सुधार होता है, पर वजन घटाने के लिए निरंतर जीवनशैली परिवर्तन आवश्यक है। “संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त प्रोटीन, गुणवत्ता वाली नींद और तनाव प्रबंधन अभी भी मुख्य तत्व हैं,” उन्होंने बताया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि गर्भावस्था‑संबंधी थायरॉइड समस्याओं की जागरूकता महिलाओं को समय पर जांच और उचित उपचार की दिशा में प्रेरित कर सकती है, जिससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम कम होते हैं।

“थायरॉइड उपचार के साथ सही पोषण और व्यायाम का संयोजन वजन घटाने को स्थायी बनाता है।” – डॉ. संदीप खरब
Did You Know?: थायरॉइड ग्रंथि केवल 2 ग्राम के आकार की होती है, लेकिन यह शरीर के 20% ऊर्जा उपयोग को नियंत्रित करती है।

Frequently Asked Questions

Q: प्रसव के बाद थायरॉइड जांच कब करानी चाहिए?
A: अधिकांश विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डिलीवरी के 6–12 हफ़्ते बाद एक प्रारंभिक जांच करवाई जाए।

Q: क्या थायरॉइड दवा के बिना वजन घटाया जा सकता है?
A: दवा से हार्मोन स्तर सामान्य होने पर ही उचित आहार और व्यायाम से वजन घटाना प्रभावी रहता है।