विश्व फेफड़े कैंसर दिवस के अवसर पर वंदना महाजन ने बताया कि धुएँ, रसोई के धुंए और मच्छर मारने वाले कोयले जैसी रोज़मर्रा की चीज़ें फेफड़े कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गैर‑धूम्रपान करने वाले भी वायु प्रदूषण के कारण प्रभावित हो सकते हैं।
मुख्य बिंदु
- वायु प्रदूषण फेफड़े कैंसर का प्रमुख कारक बन सकता है।
- गैर‑धूम्रपान करने वाले भी जोखिम में हैं।
- घर के अंदर की धुएँ भी ख़तरा बढ़ाते हैं।
विश्व फेफड़े कैंसर दिवस के तहत वंदना महाजन ने एक व्यापक अभियान चलाया, जिसमें बताया गया कि कैसे दैनिक जीवन में मिलने वाले प्रदूषक फेफड़े कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। इस अभियान ने प्रमुख मीडिया जैसे द टाइम्स ऑफ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे में कवरेज हासिल किया।
डॉ. अनीता शर्मा, एक ऑनकोलॉजिस्ट, ने कहा, "धूम्रपान फेफड़े कैंसर का प्रमुख कारण है, परन्तु वायु प्रदूषण, जीनिक्स और घर के अंदर की रसोई की धुंआ भी समान रूप से खतरा पैदा करता है।" उनका यह बयान कई रोगियों के अनुभव से साक्ष्यित है, जिनमें से कई ने बताया कि उनका परिवार धूम्रपान नहीं करता था।
भारत में फेफड़े कैंसर अब सबसे घातक कैंसर बन चुका है, और महिलाओं तथा गैर‑धूम्रपान करने वालों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। यह रुझान दर्शाता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति को वायु गुणवत्ता सुधार पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
पहले दो दशकों में, भारत में फेफड़े कैंसर मुख्यतः धूम्रपान से जुड़ा माना जाता था। लेकिन 2010 के बाद से, औद्योगिक धुएँ, वाहन उत्सर्जन और घरेलू प्रदूषकों के कारण रोग दर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस परिवर्तन ने शोधकर्ताओं को नए जोखिम कारकों की ओर प्रेरित किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that rising urbanization coupled with lax environmental regulations is amplifying lung cancer risks across demographics, making awareness campaigns like Mahajan’s crucial for preventive health strategies.
"यदि हम वायु प्रदूषण को नियंत्रित नहीं करते, तो फेफड़े कैंसर के मामले अगले दशक में दोगुने हो सकते हैं," कहते हैं प्रोफेसर राजेश वर्मा, पर्यावरण विज्ञान के विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या घर के अंदर के धुएँ फेफड़े कैंसर का कारण बन सकते हैं?
उत्तर: हाँ, रसोई के धुएँ, मच्छर मारने वाले कोयले और धूम्रपान से उत्पन्न धुएँ सभी संभावित कारक हैं।
प्रश्न 2: गैर‑धूम्रपान करने वाले लोग किस प्रकार खुद को सुरक्षित रख सकते हैं?
उत्तर: साफ़ हवा वाले क्षेत्रों में रहना, घर में वेंटिलेशन सुधारना और प्रदूषण‑रहित कुकिंग फ़्यूल का उपयोग करना मददगार है।