भारतीय मुक्केबाज प्रिया घनघस ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने से पहले अपनी वजन नियंत्रण रणनीति के तहत मीठे से पूरी तरह दूरी बना ली थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एथलीटों के लिए संतुलित पोषण और सही कार्बोहाइड्रेट का चयन वजन और प्रदर्शन दोनों के लिए बेहद जरूरी है।

मुख्य बातें

  • मुक्केबाज प्रिया घनघस ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने से पहले मीठे से पूरी तरह दूरी बना ली थी।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, केवल चीनी छोड़ना ही एथलीट के बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं है, बल्कि समग्र संतुलित आहार जरूरी है।
  • 'शुगर-फ्री' उत्पादों के भ्रम से बचना चाहिए, क्योंकि वे भी अत्यधिक प्रसंस्कृत और उच्च कैलोरी वाले हो सकते हैं।

भारतीय मुक्केबाज प्रिया घनघस ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 के महिला 60 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अपनी इस ऐतिहासिक जीत के बाद, प्रिया ने एक दिलचस्प खुलासा किया कि कैसे उन्हें खेल के दौरान अपने वजन को नियंत्रित रखने के लिए मीठे से पूरी तरह तौबा करनी पड़ी थी। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में कहा, "मुक्केबाजी में वजन को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है। इसलिए, मैंने मीठे से दूरी बना ली थी। लेकिन अब, मैं सीजन के हिसाब से जलेबी और घेवर का आनंद लूंगी।"

एथलीटों के जीवन में वजन प्रबंधन और प्रदर्शन के बीच का यह संतुलन हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। ठाणे के केआईएमएस (KIMS) अस्पताल की मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. अमरीन शेख ने इस पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एथलीटों को ऊर्जा के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता होती है। हालांकि अतिरिक्त चीनी (added sugar) को कम करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि केवल चीनी छोड़ने से ही खेल प्रदर्शन में चमत्कारी सुधार हो जाएगा। शारीरिक प्रदर्शन समग्र आहार की गुणवत्ता, पर्याप्त कैलोरी सेवन, हाइड्रेशन, नींद और सही प्रशिक्षण पर निर्भर करता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

बोझोकमीडिया (BozokMedia) के विश्लेषण से पता चलता है कि कुलीन (elite) एथलीट अक्सर अपनी वजन श्रेणियों को बनाए रखने के लिए अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव से गुजरते हैं। ऐसे में, बिना वैज्ञानिक मार्गदर्शन के अत्यधिक प्रतिबंधात्मक डाइट प्लान अपनाने से मांसपेशियों की रिकवरी प्रभावित हो सकती है और शरीर में ऊर्जा की गंभीर कमी हो सकती है। इसलिए, प्राकृतिक और अतिरिक्त चीनी के बीच अंतर को समझना बेहद महत्वपूर्ण है।

पोषक तत्व स्रोतप्राकृतिक चीनी (फल/डेयरी)अतिरिक्त चीनी (सोडा/मीठा)
पोषण मूल्यउच्च (विटामिन, खनिज, फाइबर)कम (केवल खाली कैलोरी)
ऊर्जा का प्रवाहधीमा और निरंतरतीव्र उछाल और अचानक गिरावट
"पूरी तरह से चीनी को छोड़ने के बजाय संतुलित और टिकाऊ आहार पैटर्न दीर्घकालिक वजन नियंत्रण के लिए अधिक प्रभावी है।"

डॉ. अमरीन शेख ने 'शुगर-फ्री' लेबल वाले खाद्य पदार्थों के विपणन (marketing) के पीछे के भ्रम को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि कई बार लोग सोचते हैं कि यदि कोई उत्पाद 'शुगर-फ्री' है, तो वह निश्चित रूप से स्वास्थ्यवर्धक होगा। हकीकत में, ये उत्पाद प्रसंस्कृत (processed) हो सकते हैं, जिनमें अस्वास्थ्यकर वसा, रिफाइंड स्टार्च और अत्यधिक कैलोरी होती है। इसलिए, प्राकृतिक अवस्था के करीब रहने वाले खाद्य पदार्थों जैसे साबुत अनाज, लीन प्रोटीन, स्वस्थ वसा और ताजे फल-सब्जियों का सेवन करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मुक्केबाजी और अन्य कॉम्बैट स्पोर्ट्स में वजन श्रेणियों (Weight Classes) का इतिहास हमेशा से कड़े और कभी-कभी अस्वास्थ्यकर डाइट रूटीन से जुड़ा रहा है। पुराने समय में एथलीट वजन कम करने के लिए डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) और क्रैश डाइटिंग का सहारा लेते थे। हालांकि, आधुनिक खेल विज्ञान और पोषण विशेषज्ञों के आगमन के साथ, अब ध्यान वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए मैक्रोन्यूट्रिएंट्स और संतुलित कैलोरी इनटेक पर केंद्रित हो गया है ताकि एथलीट बिना अपनी ताकत खोए सटीक वजन हासिल कर सकें।

क्या आप जानते हैं?: मानव मस्तिष्क को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए प्रतिदिन लगभग 120 ग्राम ग्लूकोज (चीनी) की आवश्यकता होती है, जो खेल के मैदान पर त्वरित निर्णय लेने के लिए आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या एथलीटों को अपने आहार से चीनी पूरी तरह से हटा देनी चाहिए?
उत्तर: नहीं, एथलीटों को फलों और डेयरी उत्पादों से मिलने वाली प्राकृतिक चीनी का सेवन करना चाहिए, क्योंकि यह ऊर्जा के साथ-साथ आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करती है। केवल प्रसंस्कृत और अतिरिक्त चीनी से बचना चाहिए।

प्रश्न 2: क्या 'शुगर-फ्री' लेबल वाले उत्पाद हमेशा सुरक्षित होते हैं?
उत्तर: नहीं, कई 'शुगर-फ्री' उत्पाद अत्यधिक प्रसंस्कृत होते हैं और उनमें कैलोरी या अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। हमेशा सामग्री की सूची (ingredients list) की जांच करनी चाहिए।