मेडिकल रिक्रूटमेंट बोर्ड (MRB) के माध्यम से नियुक्त अनुबंध नर्सों ने अपने वेतन में वृद्धि और नियमितीकरण की मांग को लेकर आवाज उठाई है। कई जिलों में सैकड़ों नर्सें अब भी लंबित वेतन वृद्धि के इंतजार में हैं।
मुख्य बातें
- MGMGH अस्पताल सहित कई सरकारी अस्पतालों के अनुबंध नर्स वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
- 2021 के सरकारी आदेश के बावजूद, कई नर्सों को अभी तक नया वेतन स्केल नहीं मिला है।
- तिरुचि, मदुरै और करूर जैसे जिलों में लगभग 200 नर्सें इस समस्या से प्रभावित हैं।
- नर्सों ने वेतन विसंगति और वेतन नियमितीकरण को जल्द हल करने की अपील की है।
तमिलनाडु के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में मेडिकल रिक्रूटमेंट बोर्ड (MRB) के माध्यम से अनुबंध के आधार पर नियुक्त स्टाफ नर्सों ने अपने वेतन नियमितीकरण को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल (MGMGH) सहित कई केंद्रों पर कार्यरत नर्सों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित वेतन वृद्धि को लागू करने में अत्यधिक देरी की जा रही है।
मामला 1 मई, 2021 को जारी एक सरकारी आदेश से जुड़ा है। इस आदेश के अनुसार, नर्सों का वेतन ₹14,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किया जाना था, जिसमें शामिल होने की तिथि से वार्षिक 5% की वृद्धि का प्रावधान था। हालांकि, कई नर्सों का आरोप है कि इस आदेश का लाभ उन्हें अभी तक नहीं मिला है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ वेतन संबंधी विसंगतियां न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता पर भी असर डाल सकती हैं। जब कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान सेवा देने वाले कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखा जाता है, तो यह प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
"हम महामारी के दौरान सेवा देने के लिए नियुक्त किए गए थे, हमें अन्य नियमित कर्मचारियों के समान ही वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए।" - वी. सारा, सरकारी नर्स।
वर्तमान में, तिरुचि, मदुरै, करूर, तिरुनेलवेली, विरुधुनगर और इरोड जिलों में लगभग 200 नर्सें अभी भी नए वेतन नियमों के लागू होने का इंतजार कर रही हैं। नर्सों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत नए नियुक्त कर्मचारियों का वेतन उनसे अधिक है, जो एक गंभीर वेतन विसंगति पैदा करता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इन नर्सों की नियुक्ति मुख्य रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य सरकार की विशेष योजनाओं के तहत की गई थी। उस समय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए इन अनुबंध कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी, लेकिन अब वे अपनी आर्थिक सुरक्षा और नियमितीकरण के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. अनुबंध नर्सों की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मुख्य मांग 2021 के सरकारी आदेश के अनुसार वेतन वृद्धि और वेतन नियमितीकरण को लागू करना है।
2. किन जिलों में सबसे अधिक नर्सें प्रभावित हैं?
तिरुचि, मदुरै, करूर, तिरुनेलवेली, विरुधुनगर और इरोड जिलों में बड़ी संख्या में नर्सें प्रभावित हैं।