तिरुनेलवेली के प्रसिद्ध अरविन्द आई हॉस्पिटल ने अत्याधुनिक 'Elita – Silk Lasik System' पेश किया है, जो चश्मे से आजादी पाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह नई तकनीक बिना किसी फ्लैप के, बेहद सटीक और सुरक्षित दृष्टि सुधार प्रदान करती है।

मुख्य बातें

  • अरविन्द आई हॉस्पिटल ने नई 'Elita – Silk Lasik System' तकनीक लॉन्च की है।
  • SILK तकनीक एक 'फ्लैपलेस' और न्यूनतम इनवेसिव (minimally invasive) प्रक्रिया है।
  • यह तकनीक मायोपिया और एस्टिग्मेटिज्म के लिए व्यक्तिगत उपचार प्रदान करती है।
  • तिरुनेलवेली जिला कलेक्टर आनंद मोहन ने इस सुविधा का उद्घाटन किया।

नेत्र देखभाल के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान, अरविन्द आई हॉस्पिटल ने चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने तिरुनेलवेली में अपनी उन्नत रिफ्रैक्टिव लेसिक सुइट, 'Elita – Silk Lasik System' का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया है। इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन तिरुनेलवेली के जिला कलेक्टर आनंद मोहन द्वारा किया गया।

अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर. मीनाक्षी और कॉर्निया विभाग की प्रमुख वी. अनिता ने बताया कि यह नई तकनीक विशेष रूप से युवाओं के लिए वरदान साबित होगी। यह तकनीक न केवल चश्मे और कॉन्टैक्ट लेंस से मुक्ति दिलाती है, बल्कि पेशेवर, शैक्षणिक और खेल जीवन में आत्मविश्वास भी बढ़ाती है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह तकनीक?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, दृष्टि सुधार की दुनिया में यह एक बड़ा बदलाव है क्योंकि यह 'वन-साइज-फिट्स-ऑल' के बजाय व्यक्तिगत उपचार पर केंद्रित है। SILK (Smooth Incision Lenticule Keratomileusis) एक फ्लैपलेस प्रक्रिया है, जिसमें उन्नत फेम्टोसेकंड लेजर तकनीक का उपयोग करके कॉर्निया के भीतर एक सटीक लेंस (lenticule) बनाया जाता है। इसे एक बहुत छोटे चीरे के माध्यम से हटा दिया जाता है, जिससे कॉर्निया का आकार सुधरता है।

'SILK जैसी उन्नत तकनीकों के साथ, अरविन्द आई हॉस्पिटल अब मरीजों को एक ही छत के नीचे रिफ्रैक्टिव सर्जरी का पूरा स्पेक्ट्रम प्रदान करता है।'

अस्पताल में केवल SILK ही नहीं, बल्कि LASIK, PRK/TransPRK और Phakic ICL जैसी अन्य स्थापित प्रक्रियाएं भी उपलब्ध हैं। डॉक्टरों की टीम मरीज की उम्र, कॉर्निया की मोटाई और आंखों के स्वास्थ्य के आधार पर सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अरविन्द आई हॉस्पिटल दशकों से किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र देखभाल प्रदान करने के लिए विश्व स्तर पर जाना जाता है। तकनीक के निरंतर समावेश ने इसे वैश्विक स्तर पर नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में एक मार्गदर्शक बनाया है।

क्या आप जानते हैं?: SILK तकनीक पारंपरिक लेसिक की तुलना में बहुत कम चीरे का उपयोग करती है, जिससे रिकवरी का समय काफी कम हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. SILK तकनीक पारंपरिक LASIK से कैसे अलग है?
SILK एक फ्लैपलेस प्रक्रिया है, जिसका अर्थ है कि इसमें कॉर्निया पर कोई फ्लैप नहीं बनाया जाता, जिससे यह अधिक सुरक्षित और कम इनवेसिव है।

2. क्या यह प्रक्रिया सभी के लिए उपयुक्त है?
नहीं, सर्जरी से पहले एक विस्तृत मूल्यांकन आवश्यक है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि मरीज की कॉर्निया की मोटाई और आंख का स्वास्थ्य किस प्रक्रिया के लिए सबसे उपयुक्त है।