हर्बलाइफ ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के 'RISE फॉर हेल्दी एजिंग' सम्मेलन 2026 में भाग लेकर मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और पोषण के माध्यम से लंबी और स्वस्थ आयु को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस पहल का उद्देश्य भारत में बढ़ते मधुमेह और मोटापे जैसी गैर-संचारी बीमारियों से लड़ना है।
- हर्बलाइफ और IISc बेंगलुरु ने स्वस्थ उम्र बढ़ने (Healthy Ageing) के लिए हाथ मिलाया।
- सम्मेलन में AI, डिजिटल हेल्थ और पोषण विज्ञान के भविष्य पर चर्चा की गई।
- 20,000 से अधिक लोगों ने 'हेल्दी एजिंग बिगिन्स विद हेल्दी मेटाबॉलिज्म' वर्कशॉप में भाग लिया।
बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) द्वारा आयोजित 'RISE फॉर हेल्दी एजिंग' सम्मेलन 2026 में वैश्विक स्वास्थ्य और कल्याण कंपनी हर्बलाइफ ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज की। यह सहयोग विज्ञान-आधारित पोषण, मेटाबॉलिक वेलनेस और नवाचार के माध्यम से स्वस्थ जीवनकाल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वर्तमान समय में भारत मेटाबॉलिक स्वास्थ्य चुनौतियों के एक गंभीर दौर से गुजर रहा है। मधुमेह, मोटापा और उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संचारी बीमारियों का बढ़ता बोझ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हर्बलाइफ का मानना है कि साक्ष्य-आधारित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से इन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जब एक वैश्विक पोषण कंपनी और भारत का शीर्ष शैक्षणिक संस्थान (IISc) एक साथ आते हैं, तो यह केवल एक कॉर्पोरेट साझेदारी नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति एक रणनीतिक दृष्टिकोण है। यह सहयोग अकादमिक अनुसंधान को व्यावहारिक समाधानों में बदलने की क्षमता रखता है, जिससे आम नागरिकों को दीर्घायु और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सके।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में दुनिया भर के अग्रणी वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बायोमार्कर का उपयोग करके स्वास्थ्य देखभाल को अधिक व्यक्तिगत और निवारक (Preventive) बनाया जा सकता है।
"जैसे-जैसे दुनिया भर में जीवन प्रत्याशा बढ़ रही है, हमारा ध्यान केवल जीवन बढ़ाने से हटकर 'हेल्थस्पैन' (स्वस्थ जीवनकाल) को बेहतर बनाने पर होना चाहिए।" - अजय खन्ना, प्रबंध निदेशक, हर्बलाइफ इंडिया।
इस आयोजन के दौरान, हर्बलाइफ ने एक विशेष वर्चुअल वर्कशॉप का आयोजन किया, जिसमें भारत भर के 20,000 से अधिक सहयोगियों और ग्राहकों ने भाग लिया। इस सत्र में नींद, तनाव प्रबंधन, शारीरिक गतिविधि और सामुदायिक समर्थन की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रोफेसर दीपक कुमार सैनी (IISc) ने इस साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए जैविक और जीवनशैली कारकों की गहरी समझ आवश्यक है। उन्होंने हर्बलाइफ की प्रतिबद्धता को अनुसंधान को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के प्रयासों के अनुरूप बताया।
Frequently Asked Questions
1. RISE सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य दीर्घायु विज्ञान (Longevity Science) और निवारक स्वास्थ्य पर चर्चा करना और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना था।
2. मेटाबॉलिक वेलनेस स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
मेटाबॉलिक स्वास्थ्य शरीर की ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली को नियंत्रित करता है, जो मधुमेह और हृदय रोगों को रोकने और बुढ़ापे में सक्रिय रहने के लिए आवश्यक है।