ICMR-NIN के एक नए अध्ययन में पाया गया है कि 30% से अधिक बुजुर्ग 'माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट' का शिकार हैं, जिसका सीधा संबंध विटामिन D, B2 और B9 की कमी से है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ बुढ़ापे के लिए केवल दवाएं नहीं, बल्कि पोषण भी जरूरी है।
- सर्वेक्षण में शामिल 36.4% बुजुर्गों में 'माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट' (MCI) के लक्षण मिले।
- विटामिन D, B2 और B9 की कमी का संज्ञानात्मक गिरावट (Cognitive Decline) से गहरा संबंध है।
- विटामिन D और B6 का उच्च स्तर बेहतर मानसिक प्रदर्शन से जुड़ा पाया गया।
- डिमेंशिया को रोकने के लिए शुरुआती पोषण मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक है।
वृद्धावस्था स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज करते हुए, ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) के वैज्ञानिकों ने सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और बुजुर्गों में संज्ञानात्मक गिरावट के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'Nutrients' में प्रकाशित यह अध्ययन बताता है कि स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए केवल बीमारियों का प्रबंधन पर्याप्त नहीं है, बल्कि पोषण संबंधी कल्याण भी अनिवार्य है।
शोध का मुख्य केंद्र 'माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट' (MCI) था, जिसे सामान्य उम्र बढ़ने और डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) के बीच की एक मध्यवर्ती अवस्था माना जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति की याददाश्त और सोचने की क्षमता में गिरावट आती है, हालांकि वह अपने दैनिक कार्य स्वतंत्र रूप से कर सकता है। हैदराबाद आधारित इस अध्ययन में पाया गया कि तीन में से एक से अधिक बुजुर्ग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
विस्तृत निष्कर्ष और बायोमार्कर
इस सामुदायिक अध्ययन में 55 से 85 वर्ष की आयु के 184 वयस्कों को शामिल किया गया। मानसिक क्षमता को मापने के लिए मॉन्ट्रियल कॉग्निटिव असेसमेंट (MoCA) का उपयोग किया गया, जबकि रक्त नमूनों के माध्यम से विटामिन A, D, B1, B2, B6, B9 और B12 की जांच की गई। शोधकर्ताओं ने बीटा-अमाइलॉइड और टोटल ताऊ जैसे न्यूरोनल बायोमार्कर का भी विश्लेषण किया ताकि मस्तिष्क के स्वास्थ्य की सटीक स्थिति जानी जा सके।
परिणामों से पता चला कि जिन लोगों में MCI के लक्षण थे, उनके रक्त में विटामिन D, B1, B2, B6, B9 और B12 का स्तर काफी कम था। विशेष रूप से विटामिन D, B2 और B9 की कमी सबसे अधिक देखी गई। इसके विपरीत, जिन प्रतिभागियों में विटामिन D और B6 का स्तर अधिक था, उनका संज्ञानात्मक प्रदर्शन काफी बेहतर पाया गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह अध्ययन बुजुर्गों की देखभाल के नजरिए को 'उपचार' से हटाकर 'रोकथाम' की ओर ले जाता है। यदि पोषण संबंधी कमियों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अध्ययन में उच्च रक्त शर्करा (Blood Glucose) और सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर का भी संज्ञानात्मक गिरावट से संबंध पाया गया, जो मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के महत्व को दर्शाता है।
"स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए न केवल रोग प्रबंधन बल्कि पोषण संबंधी कल्याण पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है," ICMR-NIN की निदेशक भारती कुलकर्णी ने जोर देकर कहा।
जी. भानुप्रकाश रेड्डी के नेतृत्व में किए गए इस शोध ने स्पष्ट किया है कि 55 वर्ष से अधिक आयु के वयस्कों के लिए नियमित पोषण जांच को स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
| पैरामीटर | MCI समूह (प्रभावित) | स्वस्थ समूह |
|---|---|---|
| विटामिन D, B2, B9 स्तर | काफी कम | पर्याप्त/उच्च |
| ब्लड शुगर और बीपी | बढ़ा हुआ | स्थिर/सामान्य |
| मानसिक प्रदर्शन | कम (MoCA स्कोर) | उच्च/इष्टतम |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सामान्य उम्र बढ़ने और माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट (MCI) में क्या अंतर है?
सामान्य उम्र बढ़ने में कभी-कभार चीजें भूलना सामान्य है, लेकिन MCI में याददाश्त और सोचने की क्षमता में ऐसी गिरावट आती है जो सामान्य से अधिक होती है, हालांकि व्यक्ति आत्मनिर्भर रहता है।
प्रश्न 2: क्या विटामिन सप्लीमेंट्स लेने से याददाश्त वापस आ सकती है?
अध्ययन ने विटामिन की कमी और गिरावट के बीच संबंध दिखाया है; हालांकि, यह साबित करने के लिए कि सप्लीमेंट्स से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, अभी और क्लिनिकल ट्रायल की आवश्यकता है।