चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर मलर के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी के माध्यम से 54 वर्षीय महिला के मस्तिष्क से 890 ग्राम वजन का एक विशाल मेनिन्जियोमा ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया है।

  • 54 वर्षीय महिला के मस्तिष्क से 890 ग्राम का विशाल ट्यूमर निकाला गया।
  • ट्यूमर को 'मेनिन्जियोमा' के रूप में पहचाना गया, जो मस्तिष्क की सुरक्षात्मक परतों से उत्पन्न होता है।
  • डॉक्टरों ने रक्तस्राव के जोखिम को कम करने के लिए 'एम्बोलाइजेशन' और 'क्रेनियोटॉमी' की दो-चरणीय प्रक्रिया का उपयोग किया।

चेन्नई स्थित MGM Healthcare Malar के विशेषज्ञों ने चिकित्सा विज्ञान की एक अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों की एक टीम ने 54 वर्षीय महिला के मस्तिष्क से 890 ग्राम वजन का एक विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया है। यह ट्यूमर इतना बड़ा था कि इसने मस्तिष्क की लगभग पूरी सतह को घेर लिया था।

मरीज लगातार सिरदर्द और दैनिक कार्यों को करने में कठिनाई जैसे गंभीर न्यूरोलॉजिकल लक्षणों से जूझ रही थी। जांच के दौरान, डॉक्टरों ने एक विशाल मेनिन्जियोमा (Meningioma) का पता लगाया। मेनिन्जियोमा एक प्रकार का ट्यूमर है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर मौजूद सुरक्षात्मक ऊतकों की परतों से विकसित होता है।

सर्जरी की जटिलता और प्रक्रिया

वरिष्ठ इंटरवेंशनल न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. कार्तिकेयन एस. ने बताया कि मरीज के मुंह में झुकाव (deviation) के लक्षण दिखने के बाद वह अस्पताल पहुंची थी। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए कहा, "मानव मस्तिष्क का वजन लगभग 1.4 किलोग्राम होता है, जबकि यह ट्यूमर अकेले 890 ग्राम का था।"

ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकालने के लिए डॉक्टरों ने एक दो-चरणीय रणनीति अपनाई। सबसे पहले, उन्होंने एम्बोलाइजेशन (Embolization) नामक एक इंटरवेंशनल प्रक्रिया की। इस प्रक्रिया का उद्देश्य ट्यूमर को मिलने वाली रक्त आपूर्ति को काट देना था, ताकि सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव न हो, जबकि मस्तिष्क के अन्य हिस्सों में रक्त का प्रवाह सामान्य बना रहे।

एम्बोलाइजेशन जैसी आधुनिक तकनीक ने सर्जरी के दौरान होने वाले जानलेवा रक्तस्राव के जोखिम को काफी हद तक कम कर दिया।

एम्बोलाइजेशन के सफल समापन के बाद, वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. आकिब सालिया ने क्रेनियोटॉमी (Craniotomy) की प्रक्रिया की। इस प्रक्रिया में मस्तिष्क तक पहुंचने के लिए खोपड़ी के एक हिस्से को अस्थायी रूप से हटा दिया जाता है। इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. कार्तिकेयन एस. और डॉ. साई प्रशांत पी.आर. ने एम्बोलाइजेशन का नेतृत्व किया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के मामलों में सफलता दर बहुत कम होती है क्योंकि ट्यूमर का आकार मस्तिष्क के महत्वपूर्ण कार्यों को बाधित कर सकता है। एम्बोलाइजेशन और क्रेनियोटॉमी का संयोजन यह दर्शाता है कि कैसे आधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशनल तकनीकें जटिल मस्तिष्क सर्जरी को अधिक सुरक्षित और सटीक बना रही हैं।

Did You Know?: मेनिन्जियोमा आमतौर पर सौम्य (benign) होते हैं, लेकिन उनका आकार इतना बड़ा हो सकता है कि वे मस्तिष्क पर घातक दबाव डाल दें।

Frequently Asked Questions

1. मेनिन्जियोमा क्या है?
यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर की सुरक्षात्मक परतों (meninges) से उत्पन्न होने वाला ट्यूमर है।

2. एम्बोलाइजेशन प्रक्रिया क्यों की जाती है?
इसका उपयोग ट्यूमर की रक्त आपूर्ति को रोकने के लिए किया जाता है ताकि सर्जरी के दौरान रक्तस्राव को नियंत्रित किया जा सके।