एक नए अध्ययन के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में दवाओं के कारण होने वाली लिवर की चोटों में 400% की भारी वृद्धि हुई है, जिसमें एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) मुख्य कारण बनकर उभरा है।
- पिछले 25 वर्षों में दवा-प्रेरित लिवर इंजरी में लगभग 400% की वृद्धि हुई है।
- एसिटामिनोफेन (Tylenol का मुख्य घटक) लिवर क्षति के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है।
- ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाओं के अनजाने में दोहराव से लिवर फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
हाल ही में अमेरिकी जहर केंद्रों (Poison Centers) के आंकड़ों पर आधारित एक चौंकाने वाले अध्ययन से पता चला है कि दवाओं और अन्य पदार्थों से जुड़ी लिवर की चोटों की दर में पिछले ढाई दशकों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 से 2024 के बीच 220,000 से अधिक मामलों का विश्लेषण करने पर पाया गया कि लिवर इंजरी की दर प्रति मिलियन 11 मामलों से बढ़कर लगभग 53 मामलों तक पहुँच गई है।
इस अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि लिवर क्षति के मामलों में दवाओं की भूमिका सबसे अधिक रही है। पुरुषों में 85% और महिलाओं में 94% मामले सीधे तौर पर दवाओं से जुड़े थे। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 80% से अधिक रोगियों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ी, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
एसिटामिनोफेन: एक छिपा हुआ खतरा
अध्ययन के अनुसार, एसिटामिनोफेन (Acetaminophen), जो Tylenol जैसी दवाओं का सक्रिय घटक है, इन मामलों का मुख्य कारण है। पुरुषों में लगभग एक-तिहाई और महिलाओं में लगभग आधे मामलों में एसिटामिनोफेन की भूमिका पाई गई। इसके अलावा, शराब का सेवन भी एक महत्वपूर्ण कारक रहा, हालांकि यह एसिटामिनोफेन की तुलना में दूसरे स्थान पर था। अन्य कारणों में उत्तेजक दवाएं, स्ट्रीट ड्रग्स और सप्लीमेंट्स शामिल थे।
"एसिटामिनोफेन जब निर्देशित मात्रा में लिया जाता है तो सुरक्षित है, लेकिन कई दवाओं में इसकी मौजूदगी के कारण अनजाने में ओवरडोज होने का खतरा रहता है, जो घातक लिवर फेलियर का कारण बन सकता है।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह प्रवृत्ति आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल में 'स्व-उपचार' (Self-medication) के बढ़ते चलन और लेबल पढ़ने की लापरवाही को उजागर करती है। चूंकि एसिटामिनोफेन सैकड़ों अलग-अलग ब्रांड की दवाओं (जैसे सर्दी-जुकाम की दवाएं) में मौजूद होता है, मरीज अक्सर अनजाने में एक ही घटक की डबल डोज ले लेते हैं, जिससे लिवर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
लिवर शरीर में दवाओं को प्रोसेस करने और उन्हें सिस्टम से बाहर निकालने का काम करता है। जब यह क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो शरीर विषाक्त पदार्थों को साफ नहीं कर पाता। अमेरिका में अचानक होने वाले लिवर फेलियर के लगभग आधे मामले एसिटामिनोफेन से जुड़े हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई बार लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता पड़ती है।
विशेष रूप से वे लोग अधिक जोखिम में हैं जिन्हें पहले से लिवर की बीमारी है, जैसे फैटी लिवर या हेपेटाइटिस C, या जो नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं। ऐसे व्यक्तियों को कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य है।
| कारक | पुरुषों में प्रभाव | महिलाओं में प्रभाव |
|---|---|---|
| दवाओं का योगदान | 85% | 94% |
| एसिटामिनोफेन की भूमिका | ~33% | ~50% |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं?
उत्तर: नहीं, OTC होने का मतलब यह नहीं है कि वे जोखिम मुक्त हैं। यदि उन्हें अनुशंसित खुराक से अधिक लिया जाए, तो वे गंभीर लिवर क्षति का कारण बन सकती हैं।
प्रश्न 2: लिवर क्षति से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?
उत्तर: हमेशा दवा के लेबल को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप एक साथ ऐसी दो दवाएं न लें जिनमें एसिटामिनोफेन समान रूप से मौजूद हो।