अभिनेता पुलकित सम्राट ने हाल ही में मलेरिया के कारण अपनी मांसपेशियों और शारीरिक शक्ति में भारी कमी आने की बात साझा की है। विशेषज्ञों ने बताया है कि गंभीर संक्रमण के दौरान शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों का उपयोग कैसे करता है।
- पुलकित सम्राट ने मलेरिया के कारण 2.5 किलोग्राम लीन मसल मास खो दिया।
- गंभीर संक्रमण के दौरान शरीर ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए मांसपेशियों के ऊतकों को तोड़ता है।
- रिकवरी के लिए प्रोटीन युक्त आहार और धीरे-धीरे व्यायाम की शुरुआत अनिवार्य है।
बॉलीवुड अभिनेता पुलकित सम्राट ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज के माध्यम से खुलासा किया कि मलेरिया ने उनके शरीर पर उम्मीद से कहीं अधिक गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने साझा किया कि इस बीमारी के कारण उन्होंने न केवल अपनी शारीरिक शक्ति खोई, बल्कि लगभग 2.5 किलोग्राम मांसपेशियां (Muscle Mass) भी कम हो गईं। हालांकि, पुलकित ने सकारात्मकता दिखाते हुए कहा कि उन्होंने यह शरीर पहले भी बनाया है और वे इसे फिर से हासिल कर लेंगे।
इस स्थिति पर चिकित्सकीय दृष्टिकोण साझा करते हुए ग्लिनेगल्स अस्पताल, मुंबई की आंतरिक चिकित्सा सलाहकार डॉ. मंजूषा अग्रवाल ने बताया कि मलेरिया के दौरान शरीर अत्यधिक तनाव से गुजरता है। तेज बुखार, ठंड लगना और पसीना आने से शरीर में निर्जलीकरण (Dehydration) होता है और भूख कम हो जाती है। जब शरीर को पर्याप्त कैलोरी नहीं मिलती, तो वह ऊर्जा के लिए मांसपेशियों के ऊतकों का उपयोग करना शुरू कर देता है, जिससे लीन मसल मास में गिरावट आती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि लोग अक्सर मलेरिया या डेंगू जैसे वायरल संक्रमणों को केवल 'बुखार' मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह केवल तापमान बढ़ने के बारे में नहीं है; यह एक प्रणालीगत हमला है जो मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है और मांसपेशियों के क्षरण (Muscle Atrophy) का कारण बनता है। यह दर्शाता है कि रिकवरी केवल बुखार उतरने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पोषण संबंधी पुनर्वास पर केंद्रित होनी चाहिए।
"मलेरिया के बाद रिकवरी धीरे-धीरे होती है; बुखार जाने के बाद भी थकान और शारीरिक क्षमता में कमी कई दिनों या हफ्तों तक बनी रह सकती है।"
डॉ. अमित सराफ (डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, जुपिटर अस्पताल ठाणे) के अनुसार, वजन में कमी केवल मांसपेशियों की वजह से नहीं, बल्कि तरल पदार्थों की कमी और कम भोजन सेवन के कारण भी होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि रिकवरी के दौरान सीधे भारी वर्कआउट में कूदना खतरनाक हो सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि रिकवरी के दौरान अंडे, डेयरी, बीन्स, सोया और लीन मीट जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ाना चाहिए। साथ ही, पर्याप्त नींद और हाइड्रेशन शरीर को फिर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
| लक्षण/प्रभाव | संक्रमण के दौरान | रिकवरी के दौरान |
|---|---|---|
| ऊर्जा स्तर | अत्यधिक थकान और कमजोरी | धीरे-धीरे सुधार |
| मांसपेशियां | ऊतकों का क्षरण (Muscle Loss) | प्रोटीन के माध्यम से पुनर्निर्माण |
| आहार | भूख में कमी | उच्च प्रोटीन और कैलोरी की आवश्यकता |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी वायरल संक्रमणों में मांसपेशियां कम होती हैं?
हाँ, डेंगू, गंभीर फ्लू और निमोनिया जैसे संक्रमणों में भी शरीर पर पड़ने वाले तनाव के कारण मांसपेशियों की हानि हो सकती है।
प्रश्न 2: रिकवरी के बाद जिम कब शुरू करना चाहिए?
जब बुखार पूरी तरह चला जाए और डॉक्टर अनुमति दें, तब हल्के चलने और मोबिलिटी एक्सरसाइज से शुरुआत करें, सीधे भारी वजन न उठाएं।