चेन्नई में Schizophrenia Research Foundation (SCARF) द्वारा आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय सिजोफ्रेनिया सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य को गैर-संचारी रोगों (NCDs) के मुख्य हिस्से के रूप में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया।
- SCARF द्वारा चेन्नई में 3 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सिजोफ्रेनिया सम्मेलन का आयोजन।
- मानसिक स्वास्थ्य को गैर-संचारी रोगों (NCDs) के व्यापक ढांचे में शामिल करने पर जोर।
- सिजोफ्रेनिया के नामकरण (Nomenclature) में बदलाव पर विशेषज्ञों के बीच गहन चर्चा।
- नटराज वरदराजन को प्रतिष्ठित STELAR पुरस्कार से नवाजा गया।
चेन्नई: मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए, Schizophrenia Research Foundation (SCARF) द्वारा आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय सिजोफ्रेनिया सम्मेलन का गुरुवार को आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया। तीन दिनों तक चलने वाले इस वैश्विक समागम में दुनिया भर के प्रमुख मनोचिकित्सक, शोधकर्ता और नीति निर्माता शामिल हो रहे हैं।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान, मनोचिकित्सा विभाग के सहायक प्रोफेसर नटराज वरदराजन को पहला STELAR पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य सचिव दारेज़ अहमद, ICMR की वैज्ञानिक आशु ग्रोवर और SCARF की सह-संस्थापक आर. थारा द्वारा दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य और नीतिगत आवश्यकताएं
तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य सचिव दारेज़ अहमद ने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य किसी भी स्वास्थ्य प्रणाली का एक अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में प्राथमिकता दी जाती है, उसी तरह मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी जनसंख्या स्तर पर व्यापक रूप से पहुँचाना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने उल्लेख किया कि तमिलनाडु का जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम मजबूत है, लेकिन नीतिगत स्तर पर इसे और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता है।
ICMR की वैज्ञानिक आशु ग्रोवर ने एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाया कि भारत में गैर-संचारी रोगों (NCDs) का बढ़ता बोझ एक बड़ी चुनौती है। आमतौर पर NCDs के अंतर्गत हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर को रखा जाता है, लेकिन हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां भी इसी श्रेणी का एक बड़ा हिस्सा हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण अब केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक स्थिरता का एक प्रमुख घटक बन चुका है। सिजोफ्रेनिया जैसे जटिल विकारों पर केंद्रित ऐसे सम्मेलन वैज्ञानिक अनुसंधान और सार्वजनिक नीति के बीच की खाई को पाटने का काम करते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य को गैर-संचारी रोगों के व्यापक ढांचे के रूप में देखना ही भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली की कुंजी है।
सम्मेलन के दौरान हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर मैचेरी एस. केशवन ने सिजोफ्रेनिया के संज्ञानात्मक (Cognitive) पहलुओं पर अपना व्याख्यान दिया। इसके अलावा, विशेषज्ञों के बीच एक दिलचस्प बहस इस बात पर हुई कि क्या 'सिजोफ्रेनिया' नाम को बदला जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि नाम में बदलाव तभी प्रभावी होगा जब समाज में इस बीमारी के प्रति समझ और स्वीकार्यता बढ़ेगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
SCARF (Schizophrenia Research Foundation) दशकों से सिजोफ्रेनिया और अन्य मानसिक विकारों के अनुसंधान और पुनर्वास के लिए समर्पित है। यह संस्थान न केवल नैदानिक उपचार प्रदान करता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Frequently Asked Questions
1. STELAR पुरस्कार क्या है?
यह पुरस्कार सिजोफ्रेनिया अनुसंधान और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पेशेवरों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है।
2. सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सिजोफ्रेनिया के उपचार, अनुसंधान और इससे जुड़ी सामाजिक चुनौतियों पर वैश्विक विशेषज्ञों के विचार साझा करना है।