गुजरात खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने नकली रक्तचाप (hypertension) की दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.7 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाएं जब्त की हैं। जांच में 'Nicardia Retard-10' की नकली गोलियों का खुलासा हुआ है।

  • FDCA ने नकली 'Nicardia Retard-10' की 1,250 गोलियां जब्त कीं।
  • भरूच में नकली दवा निर्माण और अहमदाबाद में बिक्री की सूचना मिली थी।
  • कुल 1.7 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई गई है।
  • 30 से अधिक मेडिकल स्टोर और एजेंसियों की जांच जारी है।

गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी दवा धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। गुजरात खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने शनिवार को बताया कि उन्होंने कथित तौर पर नकली हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की दवाओं का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई में 1,250 'Nicardia Retard-10' गोलियां जब्त की गई हैं और लगभग 1.7 लाख रुपये मूल्य की अन्य संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया के कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, FDCA को गुप्त सूचना मिली थी कि भरूच में नकली रक्तचाप की दवाएं बनाई जा रही हैं और उन्हें अहमदाबाद में बेचा जा रहा है। जांच में पाया गया कि 'JB Chemicals & Pharmaceuticals Ltd, Bharuch' के बैच नंबर ACG25007 के नाम से 'NICARDIA RETARD 10 Tablet' का नकली संस्करण तैयार किया जा रहा था, जिसे अहमदाबाद के सैटेलाइट क्षेत्र स्थित Lilavati Pharmacy & Wellness Pvt. Ltd. में बेचा जा रहा था।

जांच का दायरा और बरामदगी

FDCA की टीम ने 19 अगस्त से 21 अगस्त के बीच गहन छापेमारी की। इस दौरान 30 से अधिक फर्मों और मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान, खेड़ा जिले के नडियाद स्थित Kishan Medical Store से इस नकली दवा की खेप बरामद हुई। अधिकारियों ने कुल 660 गोलियों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिया है। इसके अलावा, अहमदाबाद के पालडी स्थित Parshva Medical Agency से भावनगर के Rotary Timbi Medical Stores को भेजी जा रही दवाओं को भी जब्त कर लिया गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि नकली दवाओं का बाजार न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है। उच्च रक्तचाप जैसी जीवन रक्षक दवाओं में मिलावट या नकली सामग्री का उपयोग मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है, जिससे अंगों की विफलता या मृत्यु तक हो सकती है।

नकली दवाओं का नेटवर्क स्वास्थ्य प्रणाली की नींव पर प्रहार करता है, जिसके लिए सख्त नियामक निगरानी अनिवार्य है।

जांच में केवल एक दवा ही नहीं, बल्कि अन्य संदिग्ध दवाओं जैसे Nicardia Retard 20, Cilacar 5, Cilacar 10 और Cilacar TM 50 के नमूनों को भी जब्त किया गया है। FDCA अब इन दवाओं की खरीद-बिक्री में शामिल अन्य फर्मों के नेटवर्क को खंगाल रहा है ताकि इस अवैध कारोबार के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा जा सके।

Historical Background

भारत में नकली दवाओं (Spurious Drugs) का मुद्दा लंबे समय से नियामक संस्थाओं के लिए चुनौती रहा है। गुजरात जैसे औद्योगिक राज्य में, जहां फार्मास्युटिकल उत्पादन का बड़ा केंद्र है, वहां नकली दवाओं का निर्माण और वितरण एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। हाल के वर्षों में, FDCA ने ऐसी कई कार्रवाइयां की हैं ताकि दवा आपूर्ति श्रृंखला की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।

Did You Know?: नकली दवाओं को अक्सर असली दवाओं के समान दिखने वाले बैच नंबर और पैकेजिंग के साथ बनाया जाता है ताकि वे आसानी से पकड़ में न आएं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: जब्त की गई दवाएं कौन सी हैं?
उत्तर: मुख्य रूप से 'Nicardia Retard-10' की नकली गोलियां और अन्य संदिग्ध रक्तचाप की दवाएं जब्त की गई हैं।

प्रश्न 2: यह कार्रवाई कहां की गई है?
उत्तर: यह कार्रवाई गुजरात के भरूच, अहमदाबाद, नडियाद और भावनगर जैसे क्षेत्रों में की गई है।