आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के चिकित्सा और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹221.67 करोड़ की भारी-भरकम राशि आवंटित की है। स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने आयुष और एलोपैथिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की घोषणा की है।
- स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹221.67 करोड़ का आवंटन।
- 12 प्रमुख परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए गए।
- 6 जिलों में 50 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों का निर्माण।
- नए यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना।
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी चल रही है। राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने घोषणा की है कि सरकार आयुष (AYUSH) और एलोपैथिक अस्पतालों के साथ-साथ चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण के लिए ₹221.67 करोड़ खर्च करने जा रही है। यह निवेश राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मंत्री यादव के अनुसार, APMSIDC के माध्यम से कुल 12 महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निविदाएं (tenders) आमंत्रित की गई हैं। इन परियोजनाओं में से 10 कार्य आयुष विभाग से संबंधित हैं, जबकि 2 कार्य एलोपैथिक चिकित्सा विभाग के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों तक पहुंच सुनिश्चित करना है।
आयुष मिशन के तहत विस्तार
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत, राज्य के छह प्रमुख जिलों में 50 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
- श्रीकाकुलम (टेक्कली): ₹9.98 करोड़
- पोल्लवरम (रंपचोडावर): ₹10.57 करोड़
- एनटीआर जिला (नंदीगाम): ₹10.52 करोड़
- गुंटूर (तेनाली): ₹10.50 करोड़
- मार्कपुरम (गिद्दलूर): ₹10.58 करोड़
- तिरुपति: ₹9.99 करोड़
इसके अतिरिक्त, चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वाईएसआर कडपा जिले के प्रुद्धुत्तूर में एक सरकारी यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय और श्री सत्यसाई जिले के धर्मावरम में एक सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय के लिए ₹49-₹49 करोड़ के बजट के साथ निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निवेश केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। आयुष केंद्रों का विस्तार न केवल पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते बोझ को भी कम करेगा।
चिकित्सा बुनियादी ढांचे में यह भारी निवेश राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली के विकेंद्रीकरण और ग्रामीण पहुंच में सुधार के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा।
विशाखापट्टनम के VIMS परिसर में नेचुरोपैथी और योग कॉलेज के विस्तार के लिए ₹9.37 करोड़ और काकीनाडा के GGH में ओपीडी भवन के लिए ₹27.13 करोड़ आवंटित किए गए हैं। साथ ही, चिंतूर में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले क्षेत्रीय अस्पताल में अपग्रेड करने के लिए ₹21.99 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
Frequently Asked Questions
1. सरकार किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है?
सरकार मुख्य रूप से आयुष और एलोपैथिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
2. कुल कितनी राशि आवंटित की गई है?
कुल ₹221.67 करोड़ की राशि विभिन्न स्वास्थ्य और शैक्षणिक परियोजनाओं के लिए आवंटित की गई है।