फैशन डिजाइनर और रियलिटी टीवी स्टार सीमा सजदेह ने प्रोफाइलो (Profhilo) के इस्तेमाल को लेकर खुलकर बात की है। पारंपरिक फिलर्स के विपरीत, यह हाइलूरोनिक एसिड ट्रीटमेंट चेहरे के आकार को बदले बिना त्वचा की नमी, लचीलेपन और समग्र गुणवत्ता में सुधार करता है।
- प्रोफाइलो एक बायो-रीमॉडलिंग उपचार है जो चेहरे का आकार बदले बिना त्वचा की गुणवत्ता में सुधार करता है।
- सेलिब्रिटी सीमा सजदेह के इस खुलासे ने कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स को लेकर समाज में खुली चर्चा को बढ़ावा दिया है।
- त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपचार उम्र के बजाय त्वचा की वर्तमान स्थिति और जरूरत के आधार पर चुना जाना चाहिए।
रियलिटी टीवी स्टार और फैशन डिजाइनर सीमा सजदेह ने हाल ही में बोटॉक्स, फिलर्स और विशेष रूप से प्रोफाइलो (Profhilo) के अपने अनुभव को साझा कर ब्यूटी और वेलनेस की दुनिया में एक नई चर्चा छेड़ दी है। आमतौर पर लोग कॉस्मेटिक सुइयों का नाम सुनते ही चेहरे के आकार में बड़े बदलाव की कल्पना करने लगते हैं, लेकिन प्रोफाइलो इससे बिल्कुल अलग है। यह चेहरे की बनावट को बदले बिना त्वचा की प्राकृतिक गुणवत्ता और चमक को बढ़ाने का काम करता है।
प्रोफाइलो क्या है? जोली स्किन क्लिनिक की प्रसिद्ध त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. निरुपमा परवांडा बताती हैं कि प्रोफाइलो एक हाइलूरोनिक एसिड इंजेक्शन है जिसे त्वचा की सतह के ठीक नीचे दिया जाता है। हाइलूरोनिक एसिड हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाला एक शुगर मॉलिक्यूल है, जो पानी को सोखने वाले स्पंज की तरह काम करता है। यह अपने वजन से 1,000 गुना अधिक पानी को रोक सकता है, जिससे रूखी त्वचा नरम, चमकदार और जवां दिखने लगती है।
यह कैसे काम करता है? पारंपरिक फिलर्स जहां चेहरे के किसी खास हिस्से को उभारने या गड्ढों को भरने के लिए इस्तेमाल होते हैं, वहीं प्रोफाइलो त्वचा के नीचे समान रूप से फैल जाता है। इसमें उच्च और निम्न आणविक भार (molecular weight) वाले हाइलूरोनिक एसिड का अनूठा मिश्रण होता है। यह त्वचा की गहराई में जाकर कोलेजन और इलास्टिन के उत्पादन को उत्तेजित करता है, जिससे त्वचा में कसाव और लचीलापन आता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वैश्विक एस्थेटिक बाजार में अब एक बड़ा बदलाव आ रहा है। लोग अब कृत्रिम या अत्यधिक सूजे हुए चेहरे (over-filled look) के बजाय प्राकृतिक और स्वस्थ दिखने वाली त्वचा को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रोफाइलो जैसी तकनीकें इसी बदलाव का हिस्सा हैं, जो त्वचा के स्वास्थ्य को अंदरूनी तौर पर सुधारने पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
"प्रोफाइलो आपके चेहरे के लुक को बदलने के लिए नहीं, बल्कि कोशिकीय स्तर पर त्वचा की कार्यप्रणाली और नमी को बेहतर बनाने के लिए है। यह एक थेरेपी है, कोई कृत्रिम इम्प्लांट नहीं।" — डॉ. निरुपमा परवांडा, त्वचा रोग विशेषज्ञ
| विशेषता | प्रोफाइलो (Profhilo) | डर्मल फिलर्स (Dermal Fillers) |
|---|---|---|
| मुख्य उद्देश्य | त्वचा की गहराई से नमी और गुणवत्ता सुधारना | चेहरे के अंगों को उभारना और झुर्रियां भरना |
| एसिड का प्रकार | फैलने योग्य हाइलूरोनिक एसिड | एक जगह टिकने वाला गाढ़ा जेल |
| परिणाम | चमकदार, कसी हुई और हाइड्रेटेड त्वचा | भरे हुए होंठ, उभरे हुए गाल और नया आकार |
सुरक्षा और सावधानियां। हालांकि प्रोफाइलो को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन "गैर-सर्जिकल" होने का मतलब यह नहीं है कि इसमें कोई जोखिम नहीं है। इंजेक्शन वाली जगह पर अस्थायी लालिमा, सूजन, दर्द या छोटे दाने दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। सुरक्षित और प्रभावी परिणामों के लिए यह बेहद जरूरी है कि यह प्रक्रिया केवल प्रमाणित और अनुभवी त्वचा विशेषज्ञ से ही कराई जाए।
क्या इसे हमेशा जारी रखना पड़ता है? नहीं, प्रोफाइलो कोई आजीवन प्रतिबद्धता नहीं है। इसके प्रभाव अस्थायी होते हैं। नैदानिक अध्ययनों के अनुसार, शुरुआती उपचार में चार सप्ताह के अंतराल पर दो सत्रों की आवश्यकता होती है। इसके बाद, रखरखाव सत्र पूरी तरह से व्यक्ति की त्वचा की स्थिति और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या प्रोफाइलो इंजेक्शन दर्दनाक होता है?
उत्तर 1: अधिकांश रोगियों को केवल हल्का सा खिंचाव महसूस होता है। दर्द को कम करने के लिए प्रक्रिया से पहले सुन्न करने वाली क्रीम लगाई जा सकती है।
प्रश्न 2: क्या प्रोफाइलो फेसलिफ्ट सर्जरी का विकल्प हो सकता है?
उत्तर 2: नहीं। प्रोफाइलो त्वचा की बनावट और नमी में सुधार करता है, लेकिन यह लटकी हुई मांसपेशियों को उठाने या गंभीर रूप से ढीली हो चुकी त्वचा को ठीक करने में सक्षम नहीं है।