महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा निरीक्षणों में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन असली चुनौती केवल छापे मारना नहीं, बल्कि स्वच्छता को दैनिक दिनचर्या बनाना है। FSSAI के नए नियमों और बढ़ती चेतावनियों के बीच खाद्य सुरक्षा की स्थिति का विश्लेषण।
- महाराष्ट्र में हाल ही में 3,000 से अधिक खाद्य सुरक्षा निरीक्षण किए गए।
- निरीक्षणों के कारण 165 लाइसेंस निलंबित और 750 सुधार नोटिस जारी किए गए।
- मुख्य चुनौती नियमों का पालन केवल निरीक्षण के समय करना नहीं, बल्कि इसे स्थायी आदत बनाना है।
महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा परिदृश्य में हाल के महीनों में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। जब से तुकाराम मुंधे ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभाला है, रेस्तरां और खाद्य आउटलेट्स के खिलाफ निरीक्षण अभियान तेज हो गए हैं। पुणे जैसे शहरों में, जहाँ शिकायतों की संख्या सबसे अधिक है, प्रशासन अब स्वच्छता मानकों को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रहा है।
पुणे के 90 साल पुराने पोना गेस्ट हाउस जैसे प्रतिष्ठित संस्थान उदाहरण पेश करते हैं कि कैसे स्वच्छता को व्यवसाय का हिस्सा बनाया जा सकता है। वहां के मालिक किशोर सरपोतदार, जो पुणे रेस्तरां और कैटरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, नियमित रूप से कीट नियंत्रण, रेफ्रिजरेटर तापमान और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की जांच करते हैं। उनके लिए स्वच्छता कोई 'चेकलिस्ट' नहीं, बल्कि एक संस्कृति है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि भारत में खाद्य सुरक्षा की समस्या नियमों की कमी नहीं, बल्कि उनके निरंतर कार्यान्वयन की कमी है। केवल निरीक्षण के समय सफाई करना और छापे के बाद लापरवाही बरतना एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। खाद्य जनित रोग न केवल स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि देश के स्वास्थ्य बोझ (disease burden) को भी बढ़ाते हैं।
खाद्य सुरक्षा केवल एक कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक अनिवार्य जिम्मेदारी है।
FSSAI ने हाल ही में लाइसेंसिंग श्रेणियों में बदलाव किया है। अब टर्नओवर के आधार पर तीन प्रकार के लाइसेंस अनिवार्य हैं: 1.5 करोड़ रुपये तक के व्यवसाय के लिए पंजीकरण, 1.5 से 50 करोड़ तक के लिए राज्य लाइसेंस, और 50 करोड़ से अधिक के लिए केंद्रीय लाइसेंस। यह वर्गीकरण छोटे विक्रेताओं से लेकर बड़े निर्यातकों तक सभी को नियामक दायरे में लाने के लिए किया गया है।
FSSAI की क्षेत्रीय निदेशक प्रीति चौधरी के अनुसार, गैर-अनुपालन का सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। मुंबई में लगभग 10,000 स्ट्रीट वेंडर्स को प्रशिक्षित किया गया है, लेकिन चुनौती अभी भी बनी हुई है। खाद्य ऑडिटिंग विशेषज्ञ आकाश चकोर का तर्क है कि 'FoSTac' जैसे प्रशिक्षण को लाइसेंस जारी करने से पहले अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि यह केवल एक कागज का टुकड़ा न बनकर रह जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. FSSAI लाइसेंस कितने प्रकार के होते हैं?
टर्नओवर के आधार पर तीन प्रकार के होते हैं: पंजीकरण (Registration), राज्य लाइसेंस (State License), और केंद्रीय लाइसेंस (Central License)।
2. यदि रेस्तरां को सुधार नोटिस मिलता है तो क्या होगा?
रेस्तरां को दिए गए समय के भीतर स्वच्छता मानकों में सुधार करना होगा, अन्यथा उनका लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।
| श्रेणी (टर्नओवर) | लाइसेंस का प्रकार |
|---|---|
| ₹1.5 करोड़ तक | FSSAI पंजीकरण |
| ₹1.5 करोड़ - ₹50 करोड़ | राज्य FSSAI लाइसेंस |
| ₹50 करोड़ से अधिक | केंद्रीय FSSAI लाइसेंस |