केरल में शिगेलोसिस के बढ़ते मामलों ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की एक नई और गंभीर चुनौती पेश की है। KARS-NET के आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक एंटीबायोटिक्स के प्रति बैक्टीरिया का प्रतिरोध तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इलाज कठिन हो रहा है।

  • शिगेलोसिस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली मुख्य एंटीबायोटिक 'सिप्रोफ्लोक्सासिन' के प्रति 96% प्रतिरोध देखा गया है।
  • तीसरी पीढ़ी की एंटीबायोटिक 'सेफ्ट्रिएक्सोन' के प्रति प्रतिरोध बढ़कर 36% हो गया है।
  • गंभीर मामलों में अब 'मेरोपेनम' जैसे अंतिम विकल्प वाले महंगे एंटीबायोटिक की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • केरल में समुदाय से फैलने वाले AMR का खतरा अब आम नागरिकों के दरवाजे तक पहुंच गया है।

केरल के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) अब केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह समुदाय में भी पैर पसार रहा है। शिगेलोसिस (Shigellosis) जैसे तीव्र डायरिया रोगों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली प्राथमिक एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति बैक्टीरिया का प्रतिरोध तेजी से बढ़ रहा है, जो राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है।

केरल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस सर्विलांस नेटवर्क (KARS-NET) के हालिया डेटा से पता चलता है कि बैक्टीरिया अब उन दवाओं को पहचानने और उनसे बचने में सक्षम हो रहे हैं जिन्हें उन्हें मारने के लिए बनाया गया था। विशेष रूप से, सिप्रोफ्लोक्सासिन (Ciprofloxacin), जो कि शिगेल डिसेंट्री के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देशों में शामिल है, अब 96% मामलों में बेअसर साबित हो रही है। इसका मतलब है कि इस दवा पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता।

क्यों यह चिंता का विषय है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह स्थिति केवल चिकित्सा जगत के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी भयावह है। जब प्राथमिक दवाएं काम करना बंद कर देती हैं, तो डॉक्टरों को 'सेफ्ट्रिएक्सोन' जैसी अगली श्रेणी की दवाओं का उपयोग करना पड़ता है। हालांकि, KARS-NET के अनुसार, सेफ्ट्रिएक्सोन के प्रति प्रतिरोध भी बढ़कर 36% हो गया है।

"अब तक समुदाय में फैला AMR एक समस्या नहीं थी, लेकिन अब यह आपके दरवाजे पर है। सामान्य संक्रमणों के लिए हमारे पास प्रभावी और किफायती एंटीबायोटिक दवाओं का भंडार सिमट रहा है," - डॉ. आर. अरविंद, प्रमुख, संक्रामक रोग विभाग।

शिगेलोसिस मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है। हालांकि अधिकांश मामले हाइड्रेशन के साथ ठीक हो जाते हैं, लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जानलेवा हो सकता है। गंभीर मामलों में, जहां रोगी सेप्टिक शॉक में जा सकता है, वहां अब मेरोपेनम (Meropenem) जैसे 'लास्ट-रिजॉर्ट' एंटीबायोटिक की आवश्यकता पड़ती है, जो काफी महंगा है और जिसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

केरल में बहु-दवा प्रतिरोधी (Multi-drug resistant) शिगेला के लक्षण एक दशक पहले ही दिखने लगे थे। 2018 के एक अध्ययन में पाया गया था कि 91.6% आइसोलेट्स मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट थे। यह दर्शाता है कि एंटीबायोटिक प्रतिरोध की यह समस्या अचानक नहीं आई है, बल्कि यह लंबे समय से विकसित हो रही है।

Did You Know?: शिगेला एक 'सेंटिनल ऑर्गेनिज्म' है, जिसका अर्थ है कि यह समुदाय में एंटीबायोटिक प्रतिरोध के स्तर को मापने के लिए एक संकेतक के रूप में कार्य करता है।

Frequently Asked Questions

1. शिगेलोसिस क्या है?
यह एक संक्रामक बीमारी है जो शिगेला बैक्टीरिया के कारण होती है और दूषित भोजन या पानी के माध्यम से फैलती है, जिससे गंभीर दस्त और पेचिश होती है।

2. AMR का क्या अर्थ है?
एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का मतलब है कि बैक्टीरिया दवाओं (एंटीबायोटिक्स) के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का इलाज करना कठिन हो जाता है।