हुबली स्थित एचसीजी सुचिरयु अस्पताल ने उत्तर कर्नाटक में उन्नत हृदय देखभाल प्रदान करते हुए लगभग 100 मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) सफलतापूर्वक संपन्न की हैं। यह तकनीक मरीजों को कम दर्द और तेजी से रिकवरी की सुविधा देती है।
- एचसीजी सुचिरयु अस्पताल ने 100 से अधिक मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) सफलतापूर्वक की हैं।
- इस तकनीक से कम चीरा, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी सुनिश्चित होती है।
- अस्पताल का सफलता दर 99% तक है।
- यह तकनीक उत्तर कर्नाटक में उन्नत हृदय देखभाल का नया मानक स्थापित कर रही है।
हुबली: उत्तर कर्नाटक के चिकित्सा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, हुबली स्थित एचसीजी सुचिरयु अस्पताल (HCG Suchirayu Hospital) ने लगभग 100 मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) सफलतापूर्वक संपन्न की हैं। यह मील का पत्थर क्षेत्र में हृदय रोगों के उपचार में एक नई क्रांति का प्रतीक है।
गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार और कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. शरण हल्लद ने बताया कि MICS हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रगति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पद्धति में छोटे चीरों का उपयोग किया जाता है, जिससे ऊतकों (tissues) को कम नुकसान होता है, रक्त की हानि कम होती है और शरीर पर निशान (scarring) भी बहुत कम पड़ते हैं।
तकनीक और इसके लाभ
डॉ. हल्लद के अनुसार, MICS का उपयोग कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग, वाल्व रिप्लेसमेंट, जन्मजात हृदय दोषों के सुधार और हृदय के ट्यूमर को हटाने जैसी कई जटिल प्रक्रियाओं के लिए किया जा सकता है। सही ढंग से चुने गए मरीजों के लिए, यह दृष्टिकोण अस्पताल में कम समय बिताने और सामान्य जीवन में जल्दी लौटने में मदद करता है।
MICS तकनीक मरीजों को कम दर्द और बहुत तेजी से रिकवरी प्रदान करने में सक्षम है, जो पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी की तुलना में एक बड़ा बदलाव है।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, हुबली जैसे क्षेत्रीय केंद्रों में इस तरह की उच्च-स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का आना स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे अब मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए बड़े महानगरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
चुनौतियां और चयन प्रक्रिया
हालांकि यह तकनीक क्रांतिकारी है, लेकिन डॉ. हल्लद ने स्पष्ट किया कि हर मरीज इसके लिए उपयुक्त नहीं होता। सर्जरी टीम मरीज की उम्र, समग्र स्वास्थ्य, बीमारी की गंभीरता और हृदय की शारीरिक संरचना (cardiac anatomy) का गहन मूल्यांकन करने के बाद ही इस पद्धति का निर्णय लेती है।
अस्पताल ने 2019 में हुबली में अपनी पहली MICS प्रक्रिया शुरू की थी। तब से, इस तकनीक की मांग और सफलता दर में लगातार वृद्धि हुई है, जो वर्तमान में 99% के प्रभावशाली स्तर पर है।
एनेस्थीसिया की भूमिका
सफलता के पीछे केवल सर्जन ही नहीं, बल्कि एनेस्थीसिया टीम की भी बड़ी भूमिका होती है। कंसल्टेंट एनेस्थीसियोलॉजिस्ट विश्वनाथ ने कहा कि विशेष एनेस्थीसिया तकनीकें, निरंतर निगरानी और प्रभावी दर्द प्रबंधन ही मरीजों को आईसीयू (ICU) में कम समय बिताने और जल्दी ठीक होने में मदद करते हैं।
Frequently Asked Questions
1. क्या MICS पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी से बेहतर है?
हाँ, यदि मरीज उपयुक्त है, तो MICS कम रक्तस्राव, कम दर्द और तेजी से रिकवरी प्रदान करती है।
2. क्या हर हृदय रोगी के लिए MICS संभव है?
नहीं, यह मरीज की उम्र, स्वास्थ्य और हृदय की स्थिति पर निर्भर करता है।