तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने अरिंगार अन्ना सरकारी भारतीय चिकित्सा अस्पताल में एक नवीनीकृत समग्र स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार प्रदान करेगा।

  • स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने अरिंगार अन्ना सरकारी अस्पताल में नए वेलनेस सेंटर का उद्घाटन किया।
  • केंद्र का नवीनीकरण ₹10 लाख की लागत से किया गया है।
  • चेनगालपट्टू में 'पुनर्जीवन थेरेपी' (Rejuvenation Therapy) की शुरुआत की गई है।
  • तमिलनाडु सरकार वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन निगम के साथ सहयोग कर रही है।

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने शुक्रवार को चेन्नई के अरिंगार अन्ना सरकारी भारतीय चिकित्सा अस्पताल के परिसर में एक नवनिर्मित और नवीनीकृत समग्र स्वास्थ्य केंद्र (Holistic Wellness Centre) का उद्घाटन किया। ₹10 लाख की लागत से तैयार यह केंद्र पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के आधार पर जीवनशैली से संबंधित बीमारियों के लिए उपचार और पुनर्वास सेवाएं प्रदान करेगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चेनगालपट्टू स्थित सरकार के अंतर्राष्ट्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान संस्थान में 'पुनर्जीवन थेरेपी' (Rejuvenation Therapy) की शुरुआत की गई है। इस विशेष कार्यक्रम के तहत, मरीज 10 से 15 दिनों तक केंद्र में रहकर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा में 28 बिस्तर, भोजन और आवास सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, तमिलनाडु सरकार अब केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। डॉ. अरुणराज ने साझा किया कि तमिलनाडु पर्यटन विकास निगम के साथ मिलकर राज्य में 'वेलनेस टूरिज्म' (Wellness Tourism) को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा।

पारंपरिक चिकित्सा और आधुनिक पर्यटन का यह संगम तमिलनाडु को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र बना सकता है।

AYUSH पाठ्यक्रमों के लिए मेरिट सूची जारी

स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के साथ ही, मंत्री ने शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 के लिए विभिन्न AYUSH पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मेरिट सूची भी जारी की। इस वर्ष कुल 8,447 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 7,502 आवेदन पात्र पाए गए। सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए 7.5% आरक्षण के तहत 906 छात्र पात्र घोषित किए गए हैं।

तमिलनाडु में वर्तमान में कुल 2,224 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें सिद्ध, आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी पाठ्यक्रम शामिल हैं। राज्य में AYUSH शिक्षा का एक मजबूत ढांचा है, जिसमें 15 सिद्ध कॉलेज, छह आयुर्वेद कॉलेज, एक यूनानी कॉलेज और 12 होम्योपैथी कॉलेज शामिल हैं।

Did You Know?: तमिलनाडु में सिद्ध चिकित्सा प्रणाली का गहरा इतिहास है, जो दुनिया की सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धतियों में से एक मानी जाती है।

Frequently Asked Questions

1. पुनर्जीवन थेरेपी (Rejuvenation Therapy) क्या है?
यह एक विशेष उपचार पद्धति है जहाँ मरीज 10-15 दिनों तक केंद्र में रहकर पारंपरिक चिकित्सा के माध्यम से शरीर का कायाकल्प करते हैं।

2. तमिलनाडु में कितने AYUSH कॉलेज हैं?
तमिलनाडु में कुल 34 AYUSH संस्थान हैं, जिनमें सिद्ध, आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के कॉलेज शामिल हैं।