बेंगलुरु के शिवाजीनगर चरक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब INU और जयदेव संस्थान के सहयोग से 24 घंटे डायलिसिस और उन्नत हृदय उपचार सेवाएं उपलब्ध होंगी।
- इंस्टिट्यूट ऑफ नेफ्रो-यूरोलॉजी (INU) 40 बेड की रीनल यूनिट का प्रबंधन करेगा, जिसमें 24/7 डायलिसिस सुविधा होगी।
- श्री जयदेव कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज संस्थान द्वारा 100 बेड की कार्डियक यूनिट स्थापित की जाएगी।
- इस विस्तार से उत्तरी बेंगलुरु के आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के मरीजों को लाभ होगा।
- इन सुविधाओं का संचालन 29 वर्षों के दीर्घकालिक समझौते के तहत किया जाएगा।
उत्तरी बेंगलुरु की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिवाजीनगर चरक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने शहर के दो सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। सोमवार को हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत, इंस्टिट्यूट ऑफ नेफ्रो-यूरोलॉजी (INU) और श्री जयदेव कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट अपनी विशेषज्ञ सेवाओं को इस अस्पताल में एकीकृत करेंगे।
रीनल केयर (गुर्दा उपचार) सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
इंस्टिट्यूट ऑफ नेफ्रो-यूरोलॉजी अब अस्पताल की 40 बेड वाली रीनल केयर यूनिट का पूरा नियंत्रण संभालेगा। चरक डायलिसिस सेंटर ने 13 अप्रैल, 2026 को काम शुरू किया था, लेकिन शुरुआत में यह केवल एक शिफ्ट में संचालित था। अब, नए समझौते के बाद, 23 डायलिसिस मशीनों के साथ यह सुविधा 24x7 (रविवार सहित) तीन शिफ्टों में काम करेगी।
इस विस्तार का प्रभाव आंकड़ों में स्पष्ट है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच, मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई—अप्रैल में 239 सत्रों से बढ़कर जुलाई में यह संख्या 570 तक पहुँच गई। INU के निदेशक डॉ. एम. शिवलिंगैया ने जोर देकर कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर जरूरतमंद मरीज, विशेषकर आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग, को सुरक्षित और किफायती उपचार मिले।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम बेंगलुरु के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में एक गंभीर कमी को पूरा करता है। विशेषज्ञ सेवाओं को मुख्य केंद्रों से हटाकर चरक जैसे सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में स्थानांतरित करने से बड़े अस्पतालों पर बोझ कम होगा और गरीब मरीजों को उनके करीब ही जीवन रक्षक उपचार मिल सकेगा। जयदेव संस्थान की हृदय देखभाल विशेषज्ञता इस अस्पताल को एक संपूर्ण लाइफ-सपोर्ट हब में बदल देगी।
"डायलिसिस के लिए 24/7 परिचालन मॉडल को अपनाना केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि उन मरीजों के लिए एक जीवन रक्षक आवश्यकता है जिन्हें दीर्घकालिक रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी की जरूरत है।"
उन्नत कार्डियक सेवाओं का एकीकरण
रीनल विस्तार के साथ-साथ, श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट के तत्वावधान में चलने वाले इस अस्पताल में जयदेव संस्थान की 100 बेड की यूनिट भी होगी। अस्पताल के 70,000 वर्ग फुट के क्षेत्र को रणनीतिक रूप से विभाजित किया गया है: ग्राउंड, दूसरी और तीसरी मंजिल कार्डियक केयर के लिए होगी, जबकि पहली मंजिल नेफ्रोलोजी और डायलिसिस सेवाओं के लिए आरक्षित रहेगी।
इस कार्डियक यूनिट का उद्देश्य क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की कमी को दूर करना है। 29 साल के इस समझौते के तहत, चिकित्सा उपकरण और तकनीकी कर्मचारियों को संबंधित संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा ताकि परिचालन कुशलता बनी रहे।
| सेवा इकाई | प्रबंधक संस्थान | क्षमता/पैमाना | परिचालन स्थिति |
|---|---|---|---|
| रीनल केयर | इंस्टिट्यूट ऑफ नेफ्रो-यूरोलॉजी (INU) | 40 बेड / 23 मशीनें | 24/7 चालू |
| कार्डियक यूनिट | श्री जयदेव संस्थान | 100 बेड | बुनियादी ढांचा चरण |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या इस अधिग्रहण से अस्पताल की अन्य सेवाएं प्रभावित होंगी?
नहीं, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी और न्यूरोसर्जरी जैसी सेवाएं बोअरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल में जारी रहेंगी।
प्रश्न 2: चरक में डायलिसिस सेवाओं के लिए कौन पात्र है?
यह सुविधा सभी मरीजों के लिए उपलब्ध है, जिसमें विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के लोगों को किफायती उपचार प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।