एसवीआईएमएस (SVIMS) के नए निदेशक डॉ. जी. जगदीश ने अस्पताल का निरीक्षण कर आपातकालीन सेवाओं में तेजी लाने और गरीबों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
- आपातकालीन मामलों में समय की महत्ता पर जोर।
- गरीबों और जरूरतमंदों के लिए रोगी-केंद्रित सेवाओं का विस्तार।
- RICU और कैजुअल्टी विंग के उपकरणों की गहन जांच।
तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SVIMS) के नवनियुक्त निदेशक और कुलपति डॉ. जी. जगदीश ने संस्थान की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार लाने का संकेत दिया है। टीटीडी (TTD) द्वारा संचालित इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की कमान संभालने के बाद, डॉ. जगदीश का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के सबसे गरीब और वंचित वर्गों को बिना किसी देरी के उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सहायता मिले।
सोमवार को अस्पताल के विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण करते हुए, निदेशक ने विशेष रूप से रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट (RICU), कैजुअल्टी और एक्सटेंशन कैजुअल्टी विंग का दौरा किया। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों से मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि जीवन रक्षक उपकरण पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं या नहीं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तिरुपति का SVIMS न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे रायलसीमा क्षेत्र के लिए एक जीवन रेखा है। जब एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 'रिस्पॉन्स टाइम' (प्रतिक्रिया समय) कम होता है, तो मृत्यु दर में भारी गिरावट आती है। डॉ. जगदीश का यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और स्वास्थ्य सेवा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
"आपातकालीन चिकित्सा में हर एक सेकंड की कीमत होती है; प्रारंभिक निदान और तत्काल उपचार ही मरीज के जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करते हैं।"
निरीक्षण के दौरान, डॉ. जगदीश ने मरीजों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मरीजों से उनके आगमन के समय, निदान में लगे समय और उपचार की गुणवत्ता के बारे में विस्तृत सवाल पूछे। उन्होंने कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के आते ही प्रारंभिक निदान, विशेषज्ञ परामर्श और जीवन रक्षक उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को इमरजेंसी विंग में हर समय तत्पर रहना चाहिए, क्योंकि रायलसीमा के दूर-दराज के इलाकों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहाँ उम्मीद लेकर आते हैं। उन्होंने वेंटिलेटर्स, मॉनिटर्स, डिफिब्रिलेटर्स, ऑक्सीजन आपूर्ति और सक्शन यूनिट्स की कार्यक्षमता की भी गहन जांच की।
Frequently Asked Questions
1. डॉ. जी. जगदीश ने निरीक्षण के दौरान किन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया?
उन्होंने मुख्य रूप से RICU, कैजुअल्टी विंग और आपातकालीन उपकरणों की कार्यक्षमता और स्टाफ की तत्परता पर ध्यान दिया।
2. SVIMS किन क्षेत्रों के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है?
यह मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र के मरीजों के लिए एक प्रमुख सुपर स्पेशलिटी केंद्र है।