आंध्र प्रदेश में NCD 4.0 सर्वेक्षण के तहत हुए व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण में बापटला जिले में उच्च रक्तचाप और मधुमेह के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। राज्य भर में कैंसर के हजारों संदिग्ध मामलों की भी पहचान की गई है।
- आंध्र प्रदेश में 2.82 करोड़ से अधिक लोगों का गैर-संचारी रोगों (NCD) के लिए स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
- बापटला जिले में हाइपरटेंशन (19.65%) और मधुमेह (16.89%) के मामले सर्वाधिक दर्ज किए गए।
- सर्वेक्षण में कैंसर के 2,026 मौखिक, 3,571 स्तन और 2,076 गर्भाशय ग्रीवा के मामलों की पुष्टि हुई है।
- अल्लूरी सीता राम राजू (ASR) जिले में इन बीमारियों की दर सबसे कम पाई गई।
आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा संचालित NCD 4.0 कार्यक्रम के हालिया आंकड़ों ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति की एक गंभीर तस्वीर पेश की है। स्वास्थ्य मंत्री सत्या कुमार यादव ने बताया कि राज्य के लक्षित जनसंख्या का 66.05% हिस्सा, यानी लगभग 2.82 करोड़ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। यह सर्वेक्षण गैर-संचारी रोगों (NCDs) जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर की पहचान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
क्षेत्रीय असमानता और बीमारियों का प्रसार
स्वास्थ्य आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बीमारियों का बोझ विभिन्न जिलों में बहुत अलग है। बापटला जिला स्वास्थ्य संकट के मामले में शीर्ष पर है, जहाँ हाइपरटेंशन के मामले 19.65% और मधुमेह के मामले 16.89% दर्ज किए गए हैं। इसके बाद पश्चिम गोदावरी और पूर्व गोदावरी जिलों का स्थान आता है।
इसके विपरीत, अल्लूरी सीता राम राजू (ASR) जिला स्वास्थ्य के मामले में सबसे बेहतर स्थिति में है। यहाँ हाइपरटेंशन (5.63%) और मधुमेह (1.51%) की दर राज्य में सबसे कम है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अंतर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एएसआर जिले की जनजातीय जीवनशैली, प्राकृतिक भोजन और शारीरिक गतिविधि इस कम दर का मुख्य कारण हो सकती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शहरीकरण और बदलती जीवनशैली सीधे तौर पर गैर-संचारी रोगों के बढ़ते ग्राफ से जुड़ी है। बापटला जैसे जिलों में उच्च दर यह संकेत देती है कि वहां आहार संबंधी आदतें और तनाव का स्तर चिंताजनक हो सकता है। यह डेटा नीति निर्माताओं को लक्षित हस्तक्षेप करने में मदद करेगा।
जनजातीय क्षेत्रों में कम बीमारी दर प्राकृतिक जीवनशैली और शारीरिक श्रम का परिणाम हो सकती है, जिस पर वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है।
कैंसर के मोर्चे पर भी स्थिति गंभीर है। स्क्रीनिंग प्रक्रिया के दौरान हजारों संदिग्ध मामलों की पहचान की गई, जिनमें से पुष्टि परीक्षणों ने 2,026 मौखिक, 3,571 स्तन और 2,076 गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के मामलों की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग अब इन मरीजों को उन्नत उपचार प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है।
Frequently Asked Questions
1. NCD 4.0 सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य राज्य में उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसे गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान करना और उनका उपचार सुनिश्चित करना है।
2. बापटला में बीमारियों के मामले अधिक क्यों हैं?
हालांकि आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली और आहार संबंधी बदलाव इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।