FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर हानिकारक तत्वों की पहचान करने के लिए लाल षट्कोणीय (hexagonal) चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम भारत में बढ़ते मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए उठाया गया है।

  • FSSAI पैकेज्ड फूड पर लाल षट्कोणीय चेतावनी लेबल लगाने की योजना बना रहा है।
  • यह कदम बच्चों में बढ़ते मोटापे की गंभीर समस्या को देखते हुए उठाया गया है।
  • चिली जैसे देशों में इस तरह के लेबल से मीठे पेय पदार्थों की खपत में 24% की कमी आई है।

भारत में स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया है। अब पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर अत्यधिक चीनी, नमक, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अस्वस्थ वसा की उपस्थिति को दर्शाने के लिए लाल षट्कोणीय (hexagonal) लेबल का उपयोग किया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से मीठे पेय पदार्थों के लिए अलग चेतावनी के साथ लागू की जाएगी।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब भारत में मोटापे की दर चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, चीन के बाद भारत दुनिया में बच्चों के मोटापे के मामले में दूसरे स्थान पर है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी खाद्य नियामक को चेतावनी लेबल लागू करने में देरी करने के लिए फटकार लगाई थी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि खाद्य लेबलिंग में स्पष्टता केवल एक नियम नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की आवश्यकता है। जब उपभोक्ता के पास तुरंत निर्णय लेने के लिए सरल संकेत होते हैं, तो वे अनजाने में हानिकारक खाद्य पदार्थों के चयन से बच सकते हैं।

एक स्पष्ट चेतावनी लेबल उपभोक्ता को 'स्वस्थ' और 'हानिकारक' के बीच का अंतर समझने में मदद करता है, जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुधार की नींव है।

ऐतिहासिक रूप से, खाद्य लेबलिंग के विभिन्न मॉडलों पर बहस रही है। पूर्व में प्रस्तावित 'हेल्थ स्टार रेटिंग' प्रणाली की आलोचना की गई थी क्योंकि लोग सितारों को सकारात्मक मानते थे, जिससे अनजाने में अस्वस्थ भोजन का सेवन बढ़ सकता था। इसके विपरीत, चिली का उदाहरण सफल रहा है, जहाँ काले लेबल के लागू होने के बाद मीठे पेय पदार्थों के सेवन में 24% की गिरावट देखी गई थी।

हालाँकि, विशेषज्ञों ने कुछ तकनीकी खामियों की ओर भी इशारा किया है। चिंता यह है कि यदि किसी उत्पाद में केवल एक ही हानिकारक तत्व अधिक है, तो वह इस नए वर्गीकरण से छूट सकता है। साथ ही, लेबल का फ़ॉन्ट आकार छोटा होने पर इसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है।

Did You Know?: चिली में ब्लैक लेबल लागू होने के बाद, वहां के नागरिकों ने चीनी युक्त पेय पदार्थों के बजाय पानी और अन्य स्वस्थ विकल्पों को चुनना शुरू कर दिया था।

Frequently Asked Questions

1. FSSAI का नया लेबल क्या संकेत देगा?
यह लेबल पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में अत्यधिक चीनी, नमक या अस्वस्थ वसा की उपस्थिति की चेतावनी देगा।

2. क्या यह केवल बच्चों के लिए है?
नहीं, यह सभी उपभोक्ताओं के लिए है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में बढ़ते मोटापे को रोकना है।