कोयंबटूर में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए अत्याधुनिक उत्पादों और एआई-आधारित समाधानों का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने भारत की बढ़ती वृद्ध आबादी के लिए एकीकृत देखभाल मॉडल की आवश्यकता पर बल दिया।
- कोयंबटूर में आयोजित जेरियाट्रिक कॉन्क्लेव में 200 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।
- सम्मेलन का मुख्य विषय 'कमजोरी से कार्यक्षमता तक' (From Frailty to Function) था।
- एआई, मशीन लर्निंग और आयु-तकनीक (Age-tech) जैसे नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया गया।
हाल ही में कोयंबटूर में आयोजित एक दो दिवसीय जेरियाट्रिक कॉन्क्लेव और एशिया प्रशांत जेरियाट्रिक ऑन्कोलॉजी सोसाइटी (AGOS) के तीसरे संस्करण ने बुजुर्गों की देखभाल के भविष्य की एक झलक पेश की। Geri Care Foundation और Indian Academy of Geriatrics द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारत और विदेशों से आए 200 से अधिक चिकित्सकों, ऑन्कोलॉजिस्टों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
Geri Care Health Services के संस्थापक और प्रबंध निदेशक, लक्ष्मिपति रमेश ने इस अवसर पर कहा कि भारत की बढ़ती वृद्ध आबादी के लिए विशेष और एकीकृत देखभाल मॉडलों पर ध्यान केंद्रित करना अब अनिवार्य हो गया है। उन्होंने जोर दिया कि बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए क्षमता निर्माण और निरंतर देखभाल (Continuum of Care) अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जैसे-जैसे भारत की जनसांख्यिकी बदल रही है, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को पारंपरिक तरीकों से हटकर तकनीक-आधारित समाधानों की ओर मुड़ना होगा। यह सम्मेलन केवल एक चर्चा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा के बदलते स्वरूप का संकेत है।
बुजुर्गों की देखभाल में केवल चिकित्सा ही नहीं, बल्कि तकनीक और सहानुभूति का सही संतुलन आवश्यक है।
सम्मेलन का विषय 'From Frailty to Function' (कमजोरी से कार्यक्षमता तक) रखा गया था। इसके तहत डिमेंशिया देखभाल, पेलिएटिव केयर, पार्किंसंस पुनर्वास और हृदय गति रुकने जैसे गंभीर विषयों पर गहन चर्चा की गई। विशेष रूप से, स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग के अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत सत्र आयोजित किए।
कार्यक्रम के दौरान 'Gero Technology Showcase' ने उपस्थित लोगों को आधुनिक उपकरणों से परिचित कराया। इसमें एज-टेक, सहायक उपकरण, रिमोट मॉनिटरिंग, गिरने से बचाव वाले उपकरण (Fall Prevention) और टेलीहेल्थ समाधानों का प्रदर्शन किया गया। इसने स्टार्टअप्स और स्थापित कंपनियों को सीधे विशेषज्ञों के सामने अपनी तकनीक रखने का मंच प्रदान किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में वृद्धों की आबादी में तेजी से वृद्धि हो रही है। पिछले कुछ दशकों में, जीवन प्रत्याशा बढ़ने के साथ, उम्र से संबंधित बीमारियों जैसे कैंसर, अल्जाइमर और हृदय रोगों का बोझ भी बढ़ा है, जिससे जेरियाट्रिक (वृद्ध चिकित्सा) विज्ञान की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ गई है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जेरियाट्रिक केयर क्या है?
उत्तर: यह चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जो वृद्धों की विशिष्ट स्वास्थ्य समस्याओं और देखभाल पर केंद्रित है।
प्रश्न 2: इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका उद्देश्य बुजुर्गों की देखभाल के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों और सर्वोत्तम चिकित्सा प्रथाओं को साझा करना था।