LV प्रसाद आई इंस्टीट्यूट (LVPEI) ने 41वें नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर जागरूकता अभियान शुरू किया है ताकि कॉर्नियल अंधापन से जूझ रहे लाखों भारतीयों की मदद की जा सके।
- भारत में 20 लाख से अधिक लोग कॉर्नियल अंधापन से प्रभावित हैं।
- LVPEI ने 1989 से अब तक 1,70,000 से अधिक कॉर्निया एकत्र किए हैं।
- जागरूकता की कमी और भ्रांतियां नेत्रदान की संख्या को कम कर रही हैं।
विशाखापत्तनम में LV प्रसाद आई इंस्टीट्यूट (LVPEI) ने 41वें नेत्रदान पखवाड़े के उपलक्ष्य में एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनता को नेत्रदान के महत्व के बारे में शिक्षित करना और मृत्यु के पश्चात नेत्रदान की शपथ लेने के लिए प्रेरित करना है।
संस्थान के जीएमआर वरलक्ष्मी कैंपस की मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. हिमाबिंदु अल्लुरी ने एक गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि भारत में वर्तमान में 20 लाख से अधिक लोग कॉर्नियल अंधापन (corneal blindness) से पीड़ित हैं, जिनमें से 60% बच्चे 12 वर्ष से कम उम्र के हैं। यह न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि परिवारों और समुदायों पर भारी आर्थिक और भावनात्मक बोझ भी डालता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में कॉर्निया दान की वर्तमान दर मांग की तुलना में बहुत कम है। वर्तमान में उपलब्ध कॉर्निया केवल रोगियों की आवश्यकता का एक-चौथाई हिस्सा ही पूरा कर पाते हैं। जागरूकता की कमी और दान से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियां इस महत्वपूर्ण चिकित्सा आवश्यकता और वास्तविक आपूर्ति के बीच एक बड़ी खाई पैदा कर रही हैं।
नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियां और डर ही वह मुख्य कारण हैं जो नेत्रदान की संख्या को काफी कम रखते हैं।
डॉ. अल्लुरी ने स्पष्ट किया कि LVPEI में कॉर्निया का संग्रह स्वैच्छिक दान, भागीदार अस्पतालों और 'हॉस्पिटल-बेस्ड कॉर्निया रिट्रीवल प्रोग्राम' (HCRP) के माध्यम से किया जाता है। संस्थान का ट्रैक रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है; 1989 से अब तक LVPEI आई बैंक नेटवर्क ने सफलतापूर्वक 1,70,626 से अधिक डोनर कॉर्निया एकत्र किए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में नेत्रदान की आवश्यकता पिछले कुछ दशकों में तेजी से बढ़ी है। जैसे-जैसे चिकित्सा तकनीक उन्नत हुई है, कॉर्नियल ट्रांसप्लांट के माध्यम से दृष्टि बहाना संभव हो गया है, लेकिन इसके लिए आवश्यक जैविक सामग्री (कॉर्निया) की उपलब्धता अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कॉर्नियल अंधापन क्या है?
उत्तर: यह आंखों की पुतली (cornea) के क्षतिग्रस्त होने के कारण होने वाली दृष्टि हानि है, जिसे कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से ठीक किया जा सकता है।
प्रश्न 2: क्या नेत्रदान के लिए कोई आयु सीमा है?
उत्तर: नेत्रदान के लिए कोई सख्त आयु सीमा नहीं है, लेकिन कॉर्निया की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है।