दिल्ली में एक अवैध परिसर से नकली 'अभयरेब' (Abhayrab) वैक्सीन जब्त किए जाने के बाद स्वास्थ्य जगत में हड़कंप मच गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने महीनों पहले ही भारत में इस वैक्सीन के नकली बैचों के बारे में चेतावनी जारी कर दी थी।

  • दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक अवैध परिसर से नकली Abhayrab वैक्सीन जब्त।
  • ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य निकाय ATAGI ने दिसंबर 2025 में ही नकली बैचों की चेतावनी दी थी।
  • सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (CDL) ने जब्त नमूनों को 'मानक गुणवत्ता से नीचे' (NSQ) पाया है।
  • भारत दुनिया में रेबीज से होने वाली मौतों के मामले में सबसे ऊपर है।

भारत के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में एक गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने मुखर्जी नगर के एक आवासीय परिसर में छापेमारी कर Abhayrab एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी मात्रा में नकली शीशियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई तब हुई जब सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (CDL), कसौली ने इन नमूनों की जांच में पाया कि ये उत्पाद न केवल मिसब्रांडेड हैं, बल्कि इनकी गुणवत्ता भी मानक स्तर से काफी नीचे है।

इस घटना ने एक पुराने घाव को हरा कर दिया है। दिसंबर 2025 में, ऑस्ट्रेलिया के टीकाकरण सलाहकार निकाय ATAGI ने दुनिया भर के यात्रियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को आगाह किया था कि भारत में Abhayrab वैक्सीन का एक नकली बैच (बैच नंबर KA24014) प्रसारित हो रहा है। उस समय ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने उन यात्रियों को सलाह दी थी जिन्होंने भारत में यह वैक्सीन ली थी और जिनके पास बैच नंबर का प्रमाण नहीं था, कि वे ऑस्ट्रेलिया लौटकर दोबारा टीकाकरण करवाएं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल एक नकली बैच का नहीं, बल्कि वैक्सीन सप्लाई चेन की गहरी खामियों का है। रेबीज एक ऐसा रोग है जो लक्षणों के प्रकट होने के बाद लगभग 100% घातक होता है। ऐसे में, यदि किसी व्यक्ति को नकली वैक्सीन दी जाती है, तो वह पूरी तरह से असुरक्षित रहता है, जिससे उसकी जान को सीधा खतरा होता है। भारत में सालाना लगभग 90 लाख पशु काटने के मामले सामने आते हैं, जिनमें से दो-तिहाई कुत्ते के काटने के हैं।

"रूटीन टीकों के विपरीत, रेबीज शॉट एक्सपोजर के बाद दिए जाते हैं, इसलिए वैक्सीन की शुद्धता और प्रभावशीलता में कोई भी संदेह मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।"

निर्माता कंपनी Indian Immunological Ltd (IIL), जो नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की सहायक कंपनी है, ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई शीशियां उनकी कंपनी द्वारा निर्मित नहीं हैं। कंपनी के अनुसार, सरकारी प्रयोगशाला ने असली और नकली शीशियों के बीच 17 बुनियादी अंतर पाए हैं, जिनमें क्यूआर कोड, कैप का रंग और लाइसेंस विवरण शामिल हैं।

ऐतिहासिक रूप से, भारत रेबीज के बोझ का सबसे अधिक सामना करने वाला देश है, जहाँ सालाना 5,700 से अधिक मौतें दर्ज की जाती हैं। नकली टीकों का इस तरह बाजार में आना स्वास्थ्य प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

विशेषता असली Abhayrab वैक्सीन नकली/जब्त वैक्सीन
गुणवत्ता मानक CDL द्वारा प्रमाणित Not of Standard Quality (NSQ)
पैकेजिंग मानक QR कोड और सील प्रिंट और कैप रंग में अंतर
प्रभावशीलता प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है पोटेंसी (Potency) परीक्षण में विफल
क्या आप जानते हैं?: रेबीज दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक है; एक बार जब इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं, तो चिकित्सा विज्ञान के पास इसे ठीक करने का कोई ज्ञात तरीका नहीं है, जिससे पोस्ट-एक्सपोज़र टीकाकरण (PEP) जीवन रक्षक बन जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या सभी Abhayrab वैक्सीन नकली हैं?
नहीं, केवल कुछ विशिष्ट बैच नकली पाए गए हैं। अधिकांश वैक्सीन सुरक्षित हैं, लेकिन हमेशा अधिकृत केंद्रों से ही टीकाकरण कराएं।

p>प्रश्न 2: अगर मुझे संदेह है कि मुझे नकली वैक्सीन लगी है तो क्या करें?
तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपने टीकाकरण रिकॉर्ड (बैच नंबर सहित) की जांच करवाएं।