खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर FSSAI ने कोयंबटूर में एक रेस्टोरेंट को सील कर दिया है और 12 अन्य खाद्य व्यवसायों को नोटिस जारी किया है।
- मेट्टुपालयम रोड स्थित एक रेस्टोरेंट को अत्यधिक अस्वच्छता के कारण सील किया गया।
- नियमों के उल्लंघन के लिए 12 खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) को नोटिस दिए गए।
- विभिन्न उल्लंघनकर्ताओं पर कुल ₹95,000 का जुर्माना लगाया गया।
- क्लाउड किचन और कैंटीन सहित कुल 462 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कोयंबटूर जिले में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। 1 से 6 सितंबर तक चले इस छह दिवसीय विशेष अभियान के दौरान, उन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया जिन्हें 'उच्च-जोखिम' श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि यहाँ संदूषण (contamination) की संभावना अधिक होती है।
FSSAI की नामित अधिकारी टी. अनुराधा और 17 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस अभियान के दायरे में होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, चाय की दुकानें, संस्थागत कैंटीन, क्लाउड किचन, हॉस्टल और क्लब जैसे 462 प्रतिष्ठान शामिल थे। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जनता तक पहुँचने वाला भोजन पूरी तरह सुरक्षित और मानक अनुरूप हो।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि कोयंबटूर में क्लाउड किचन और शहरी विस्तार की तेजी ने स्वास्थ्य ऑडिट की प्रक्रिया को पीछे छोड़ दिया है। बिना लाइसेंस के व्यवसाय चलाना यह दर्शाता है कि कई संचालक कानूनी प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है। यह अभियान एक चेतावनी है कि सुविधा के नाम पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
सबसे कड़ी कार्रवाई मेट्टुपालयम रोड के एक रेस्टोरेंट पर की गई, जिसे बेहद अस्वच्छ स्थिति में पाए जाने पर तुरंत सील कर दिया गया। इस प्रतिष्ठान को कमियों को दूर करने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है।
"खाद्य सुरक्षा मानदंडों का सख्त प्रवर्तन केवल जुर्माने के बारे में नहीं है, बल्कि घनी आबादी वाले शहरी केंद्रों में खाद्य जनित बीमारियों को रोकने के बारे में है।"
जुर्माने की बात करें तो, प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग करने वाले सात संचालकों पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया गया। वहीं, बिना FSSAI लाइसेंस के व्यवसाय चलाने वाले दो संचालकों और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में काम करने वाले चार संचालकों पर ₹10,000-₹10,000 का जुर्माना लगाया गया।
| उल्लंघन का प्रकार | प्रतिष्ठानों की संख्या | प्रति यूनिट जुर्माना |
|---|---|---|
| अस्वच्छ स्थितियाँ | 4 | ₹10,000 |
| बिना लाइसेंस संचालन | 2 | ₹10,000 |
| सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग | 7 | ₹5,000 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सील किए गए रेस्टोरेंट का क्या होता है?
एक सील किए गए रेस्टोरेंट को निर्धारित समय (इस मामले में 14 दिन) के भीतर सभी स्वच्छता और सुरक्षा खामियों को ठीक करना होता है और दोबारा निरीक्षण पास करने के बाद ही वह खुल सकता है।
प्रश्न 2: FSSAI अभियान में किन प्रतिष्ठानों की जांच की गई?
अभियान में होटल, बेकरी, क्लाउड किचन, हॉस्टल, क्लब और संस्थागत कैंटीन सहित कुल 462 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।