बॉलीवुड अभिनेत्री भाग्यश्री ने मेनोपॉज और पेरिमेनोपॉज के दौरान होने वाले भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर खुलकर बात की। उन्होंने साझा किया कि कैसे अपने पति को 'सिर्फ सुनने और चुप रहने' के लिए प्रशिक्षित करने से उनके रिश्ते और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हुआ।

  • भाग्यश्री ने मेनोपॉज के दौरान भावनात्मक विस्फोटों (outbursts) के लिए अपने पति को पहले से सूचित करना शुरू किया।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को शारीरिक लक्षणों के साथ-साथ मानसिक समर्थन की अत्यधिक आवश्यकता होती है।
  • साथी का सहयोग न केवल मानसिक तनाव कम करता है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी बेहतर निर्णय लेने में भी मदद करता है।

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री ने हाल ही में 'SheThePeople TV' के साथ एक बातचीत में मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि मेनोपॉज केवल हॉट फ्लैशेस या शारीरिक बदलावों के बारे में नहीं है, बल्कि यह मूड, याददाश्त और बातचीत करने के तरीके को भी गहराई से प्रभावित करता है।

भाग्यश्री ने खुलासा किया कि उन्होंने इस कठिन दौर से निपटने के लिए अपने पति के साथ एक विशेष रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा, "मैं अपने पति से कहती थी कि मेरा अब एक भावनात्मक विस्फोट होने वाला है। मुझे आपसे कोई जवाब नहीं चाहिए, बस आप चुप रहें और मुझे सुनें। बस मेरी तरफ देखें और सुनें, एक शब्द भी न कहें।" उन्होंने आगे बताया कि वह अपनी बात कहकर कमरे से बाहर चली जाती थीं, बिना उनके जवाब का इंतज़ार किए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that breaking the silence around menopause is critical for women's mental health. When partners are educated about the physiological shifts occurring in the female body, it prevents unnecessary conflicts and reduces the feeling of isolation. This proactive communication transforms a potentially volatile phase into a bonding experience for the couple.

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को अक्सर चुप्पी में सहना पड़ता है, लेकिन जब परिवार में इस पर खुलकर चर्चा होती है, तो वे अपनी सेहत के प्रति अधिक जागरूक और आत्मविश्वासी महसूस करती हैं।

वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक रीमा भंडाकर के अनुसार, मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को अक्सर अकेलापन महसूस होता है, जिससे वे समय पर चिकित्सा सहायता नहीं लेतीं। उनके अनुसार, यदि साथी इस प्रक्रिया को समझें और घरेलू जिम्मेदारियों में अधिक हाथ बटाएं, तो जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हो सकता है।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि पुरुषों को मेनोपॉज के संकेतों, जैसे कि थकान, शरीर में दर्द और मूड स्विंग्स के बारे में स्वास्थ्य प्रदाताओं से बात करनी चाहिए। साथ ही, त्वचा और वजन में होने वाले बदलावों के दौरान आलोचना करने के बजाय सहानुभूतिपूर्ण शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।

क्या आप जानते हैं?: मेनोपॉज केवल एक जैविक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हार्मोनल असंतुलन के कारण मस्तिष्क के भावनात्मक नियंत्रण केंद्र को भी प्रभावित करता है, जिससे अचानक गुस्सा या उदासी आ सकती है।

समर्थन के तरीके: क्या करें और क्या न करें

क्या करें (Do's)क्या न करें (Don'ts)
सहानुभूतिपूर्वक सुनें (Active Listening)तर्क करें या समाधान देने की कोशिश करें
घरेलू कामों में मदद करेंशारीरिक बदलावों पर टिप्पणी करें
कमरे का तापमान नियंत्रित करें (Hot Flashes के लिए)भावनाओं को 'पागलपन' कहकर खारिज करें

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मेनोपॉज के दौरान पार्टनर का समर्थन क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: क्योंकि इस दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण महिला अत्यधिक तनाव और अकेलेपन का अनुभव करती है; सही समर्थन उसे मानसिक स्थिरता और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

प्रश्न 2: पार्टनर मेनोपॉज के दौरान व्यावहारिक मदद कैसे कर सकते हैं?
उत्तर: घरेलू कामों का बोझ साझा करके, हॉट फ्लैशेस के लिए वातावरण को आरामदायक बनाकर और बिना किसी निर्णय के उनकी बात सुनकर।