विश्व आत्महत्या रोकथाम जागरूकता दिवस पर, इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के केरल चैप्टर ने 'सुस्मितम' अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कलंक को मिटाना और लोगों को समय पर पेशेवर मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- केरल में आत्महत्या की दर राष्ट्रीय औसत (12.2) से काफी अधिक 30.2 प्रति लाख है।
- 'सुस्मितम' अभियान का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य चर्चाओं को सामान्य बनाना और सामाजिक डर को खत्म करना है।
- अभियान तीन मुख्य स्तंभों: सामुदायिक लचीलापन, कलंक मिटाना और आत्महत्या रोकथाम पर आधारित है।
केरल के कोल्लम स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने 'सुस्मितम – माइंड योर माइंड, मेंटल हेल्थ मैटर्स' (Susmitham – Mind Your Mind, Mental Health Matters) अभियान का उद्घाटन किया। यह पहल एक ऐसे समय में आई है जब राज्य में मानसिक स्वास्थ्य संकट एक गंभीर चुनौती बन गया है। अक्सर देखा गया है कि लोग शारीरिक चोट या सर्दी-जुकाम के इलाज के लिए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाते हैं, लेकिन जब बात मन की पीड़ा की आती है, तो वे चुप्पी साध लेते हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, केरल में आत्महत्या की दर 30.2 प्रति लाख जनसंख्या है, जो भारत की राष्ट्रीय औसत दर 12.2 से कहीं अधिक है। वर्ष 2024 में राज्य में 10,865 आत्महत्याएं दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि समाज द्वारा दिए जाने वाले निर्णय और तिरस्कार के डर से लोग अपने अवसाद, चिंता और तनाव को मन में ही दबाए रखते हैं, जो अंततः घातक साबित होता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि केरल जैसे उच्च साक्षरता वाले राज्य में भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण पिछड़ा हुआ है। यह विडंबना है कि शिक्षा के बावजूद 'मेंटल हेल्थ' को अभी भी एक वर्जित विषय माना जाता है। 'सुस्मितम' अभियान केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह संकट आने के बाद हस्तक्षेप करने के बजाय, समय रहते मदद मांगने की संस्कृति विकसित करने का एक प्रयास है।
"हम चाहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत सामान्य हो जाए और लोग बिना किसी डर के अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकें।" - टी. सागर, अध्यक्ष, IPS केरल।
यह अभियान तीन मूलभूत स्तंभों पर टिका है। पहला, सामुदायिक लचीलापन बनाना ताकि जीवन के हर पड़ाव पर मानसिक कल्याण को बढ़ावा मिले। दूसरा, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुप्पी और कलंक को तोड़ना। तीसरा, लोगों को संकट के संकेतों को पहचानने और उन पर उचित प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए IPS एक यूट्यूब चैनल भी शुरू कर रहा है, जहां मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों और उन लोगों के अनुभव साझा किए जाएंगे जिन्होंने इन संघर्षों पर जीत पाई है। इसके अलावा, सरकार की Tele MANAS हेल्पलाइन (14416 या 1800-89-14416) चौबीसों घंटे मुफ्त परामर्श प्रदान कर रही है।
| विवरण | केरल (Kerala) | राष्ट्रीय औसत (India Avg) |
|---|---|---|
| आत्महत्या दर (प्रति लाख) | 30.2 | 12.2 |
| 2024 में कुल मौतें | 10,865 | - |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'सुस्मितम' अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक कलंक को मिटाना और लोगों को पेशेवर मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्रश्न 2: मानसिक सहायता के लिए कौन सी हेल्पलाइन उपलब्ध है?
भारत सरकार की Tele MANAS हेल्पलाइन (14416 या 1800-89-14416) पर 24x7 मुफ्त सहायता उपलब्ध है।