प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मुरली चेकुरी ने युवाओं में स्ट्रोक के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है और चेहरे का झुकना और अंगों की कमजोरी जैसे महत्वपूर्ण संकेतों पर ध्यान देने की सलाह दी है।
- जीवनशैली के कारकों के कारण युवाओं में स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
- चेहरे का झुकना और हाथों की कमजोरी जैसे संकेतों की जल्द पहचान जान बचा सकती है।
- स्थायी मस्तिष्क क्षति को रोकने के लिए तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप एकमात्र उपाय है।
एक चिंताजनक प्रवृत्ति में, जो स्ट्रोक को केवल 'बुजुर्गों की बीमारी' मानने की पारंपरिक धारणा को चुनौती देती है, प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मुरली चेकुरी ने युवा वयस्कों में स्ट्रोक की बढ़ती घटनाओं के संबंध में एक गंभीर चेतावनी जारी की है। चिकित्सा समुदाय यह देख रहा है कि 20 और 30 की उम्र के लोग भी तीव्र सेरेब्रोवास्कुलर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, जिसका संबंध अक्सर गतिहीन जीवनशैली, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप और अत्यधिक तनाव से होता है।
डॉ. चेकुरी के अनुसार, उपचार के लिए उपलब्ध समय—जिसे अक्सर 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है—बहुत कम होता है। लक्षणों की जल्द पहचान पूर्ण रिकवरी और स्थायी विकलांगता के बीच का अंतर हो सकती है। सबसे प्रमुख संकेतों में मुस्कुराहट का झुकना (चेहरे की विषमता), एक हाथ या पैर में कमजोरी, और बोलने या समझने में अचानक कठिनाई शामिल है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि युवाओं में स्ट्रोक की वृद्धि 'आधुनिक महामारी' मेटाबॉलिक सिंड्रोम से गहराई से जुड़ी है। रिमोट वर्क और प्रोसेस्ड डाइट के बढ़ने से, मस्तिष्क में क्लॉट या रक्तस्राव के शारीरिक ट्रिगर चिकित्सा साहित्य में दर्ज पिछले रिकॉर्ड की तुलना में बहुत कम उम्र में दिखाई दे रहे हैं।
"स्ट्रोक उम्र का भेदभाव नहीं करता; ऑक्सीजन की कमी के प्रति मस्तिष्क की संवेदनशीलता सार्वभौमिक है, जिससे त्वरित पहचान ही एकमात्र बचाव है।"
स्पष्ट शारीरिक संकेतों के अलावा, डॉ. चेकुरी ने कुछ 'अजीब' या सूक्ष्म संकेतकों का उल्लेख किया है जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जैसे अचानक चक्कर आना, एक आंख में अस्पष्ट धुंधली दृष्टि, या अचानक होने वाला गंभीर सिरदर्द। इन 'मिनी-स्ट्रोक' या ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक (TIAs) को नजरअंदाज करना अक्सर जल्द ही एक बड़े स्ट्रोक का कारण बनता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: ऐतिहासिक रूप से, स्ट्रोक की रोकथाम बुजुर्गों की देखभाल और दीर्घकालिक पुरानी स्थितियों के प्रबंधन पर केंद्रित थी। हालांकि, पिछले दशक में युवा वयस्कों में 'क्रिप्टोजेनिक स्ट्रोक' में वृद्धि देखी गई है, जहां कारण तुरंत स्पष्ट नहीं होता, जो अक्सर PFO (पेटेंट फोरामेन ओवेल) जैसी अनियंत्रित हृदय स्थितियों या ऑटोइम्यून विकारों से जुड़ा होता है।
| लक्षण | सामान्य स्ट्रोक | युवा वयस्क स्ट्रोक (अक्सर) |
|---|---|---|
| शुरुआत | धीरे-धीरे या अचानक | अक्सर अचानक और तीव्र |
| सामान्य कारण | आयु-संबंधित आर्टेरियोस्क्लेरोसिस | तनाव, जीवनशैली, आनुवंशिक विसंगतियां |
| रिकवरी दर | परिवर्तनीय/धीमी | तत्काल इलाज होने पर तेजी से रिकवरी |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या केवल तनाव 25 वर्षीय व्यक्ति में स्ट्रोक का कारण बन सकता है?
हालांकि तनाव शायद ही कभी एकमात्र कारण होता है, लेकिन यह रक्तचाप को काफी बढ़ा देता है, जो अंतर्निहित संवहनी कमजोरियों वाले व्यक्तियों में स्ट्रोक को ट्रिगर कर सकता है।
प्रश्न 2: यदि आप चेहरे के झुकाव को नोटिस करते हैं तो सबसे पहले क्या करें?
तुरंत आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें। लक्षण के ठीक होने का इंतजार न करें या डॉक्टर के निर्देश के बिना एस्पिरिन न लें, क्योंकि कुछ स्ट्रोक रक्तस्रावी (hemorrhagic) होते हैं और एस्पिरिन उन्हें और बिगाड़ सकती है।