पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में गंगा की बाढ़ ने रतुआ ब्लॉक अस्पताल को लगभग आधा डुबो दिया। पानी‑भरे गलियारों में ज़हरीले साँपों के बीच, डॉक्टर अरिजीत और उनकी छोटी टीम ने मरीजों को छोड़कर इलाज जारी रखा।
- रतुआ ब्लॉक अस्पताल का 40% हिस्सा बाढ़ के पानी में डूबा
- डॉक्टर अरिजीत ने घुटने तक पानी में चलकर इलाज जारी रखा
- साँप और कीड़े‑मकोड़े भी अस्पताल के गलियारों में फँसे हुए हैं
बाढ़ का प्रकोप और अस्पताल की स्थिति
गंगा नदी के उफान के कारण पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रतुआ ब्लॉक में जलस्तर आसमान छू रहा है। रतुआ ब्लॉक अस्पताल, जो स्थानीय लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, अब लगभग आधा पानी में डूबा हुआ है और मुख्य सड़क से पूरी तरह कट गया है। केवल छोटी नावों के सहारे ही डॉक्टरों और मरीजों को अंदर‑बाहर ले जाया जा सकता है।
डॉक्टर अरिजीत की अदम्य प्रतिबद्धता
सभी सुविधाओं के बंद होने के बावजूद, डॉक्टर अरिजीत और उनके पाँच सदस्यीय मेडिकल स्टाफ ने अस्पताल छोड़ने का विकल्प नहीं चुना। उन्होंने कहा, “एक डॉक्टर के लिए अपने कर्तव्य से पीछे हटना कभी विकल्प नहीं होता।” वे घुटने तक पानी में चलकर, साँप‑भरे गलियारों में भी, उन रोगियों की देखभाल कर रहे हैं जिनके पास कोई वैकल्पिक उपचार केंद्र नहीं है।
साँप, कीड़े‑मकोड़े और अंधेरे का सामना
बाढ़ के कारण बिजली कट गई है, जिससे अस्पताल में अंधेरा छा गया है। पानी में फँसे ज़हरीले साँप और कीड़े‑मकोड़े रोगियों के बिस्तर के पास ही घुमते दिखे। फिर भी डॉक्टर अरिजीत ने कहा, “यह बहुत मुश्किल है, लेकिन इस कठिन घड़ी में रोगियों की देखभाल सबसे ज़रूरी है।”
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such frontline resilience highlights systemic gaps in disaster‑preparedness of rural health infrastructure in India. When natural calamities strike, the lack of emergency power, flood‑proof facilities, and rapid evacuation plans forces medical professionals to risk their lives, underscoring the urgent need for policy reforms.
“बाढ़ के समय स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना, सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए,” कहते हैं सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सविता मेहता।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: बाढ़ के दौरान अस्पताल में रोगियों को कैसे सुरक्षित रखा जाता है?
उत्तर: स्थानीय स्वयंसेवकों और बचाव दलों की मदद से रोगियों को ऊँचे बिंदुओं पर ले जाया जाता है, जबकि डॉक्टर और नर्सें प्राथमिक उपचार जारी रखती हैं।
प्रश्न 2: क्या सरकार ने इस आपातकाल के लिए कोई विशेष सहायता प्रदान की?
उत्तर: राज्य सरकार ने अस्थायी टेंट क्लिनिक और आपातकालीन जल आपूर्ति का आदेश दिया है, परन्तु बुनियादी बुनियादी ढाँचा अभी भी कमजोर है।