निज़ाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) ने 'हीलिंग लिटिल हार्ट्स' के सहयोग से 19 बच्चों की जटिल हृदय सर्जरी मुफ्त में की है। यह पहल उन गरीब परिवारों के लिए जीवनदान साबित हुई है जो निजी अस्पतालों के भारी खर्च का वहन नहीं कर सकते थे।

  • NIMS और हीलिंग लिटिल हार्ट्स ने मिलकर 19 बच्चों की जटिल हृदय सर्जरी मुफ्त में की।
  • निजी अस्पतालों में इन सर्जरी की लागत ₹5 लाख से ₹20 लाख तक होती है।
  • कैंप के दौरान लगभग 1,000 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
  • तेलंगाना में लगभग 7,000 बच्चे गंभीर जन्मजात हृदय रोगों से ग्रसित हैं।

हैदराबाद स्थित निज़ाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) ने चिकित्सा जगत में एक सराहनीय कदम उठाते हुए अपने पांचवें पीडियाट्रिक कार्डिएक सर्जरी कैंप का सफल समापन किया है। इस विशेष अभियान के तहत, 2 महीने से 13 वर्ष की आयु के बच्चों की 19 जटिल हृदय सर्जरी पूरी तरह से कैशलेस आधार पर की गईं। ये ऐसी सर्जरी थीं, जिनके लिए निजी चिकित्सा केंद्रों में परिवारों को ₹5 लाख से लेकर ₹20 लाख तक खर्च करने पड़ते हैं।

इस मानवीय पहल को हीलिंग लिटिल हार्ट्स के सहयोग से अंजाम दिया गया, जिसका नेतृत्व यूके के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन डॉ. रमणा धनपुनेनी ने किया। NIMS की ओर से कार्डियोथोरैसिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. एम. अमरेश राव ने टीम का नेतृत्व किया। इस एक सप्ताह के कैंप का उद्देश्य उन बच्चों को जीवनदान देना था जो आर्थिक तंगी के कारण उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं से वंचित थे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में जन्मजात हृदय रोग (CHD) का बोझ तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन विशेषज्ञ सर्जनों की कमी और निजी क्षेत्र की अत्यधिक लागत एक बड़ी बाधा है। NIMS जैसे सरकारी संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का यह तालमेल न केवल जीवन बचाता है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के स्तर को भी ऊपर उठाता है। यह मॉडल दर्शाता है कि कैसे पीपीपी (Public-Private Partnership) के माध्यम से दुर्लभ स्वास्थ्य सेवाओं को लोकतांत्रिक बनाया जा सकता है।

"जन्मजात हृदय रोग आम हैं और निजी अस्पतालों में इनकी लागत निषेधात्मक हो सकती है। गरीबों के लिए NIMS जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के अस्पताल ही एकमात्र आशा हैं।" - डॉ. रमणा धनपुनेनी

इस कैंप का प्रभाव केवल 19 सर्जरी तक सीमित नहीं था। कार्यक्रम के दौरान लगभग 1,000 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से कुछ को ओपन-हार्ट सर्जरी के बजाय न्यूनतम इनवेसिव हस्तक्षेप की आवश्यकता पाई गई। हालांकि, अभी भी 100 से अधिक बच्चे सर्जरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिनके लिए तारीखें पहले ही निर्धारित की जा चुकी हैं।

NIMS के निदेशक राहुल देवराज ने बताया कि 2023 से शुरू हुए इस सहयोग के तहत अब तक पांच कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें कुल 80 सफल सर्जरी हुई हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस विशेषज्ञ टीम के वर्ष में दो बार आने की इच्छा जताई है ताकि अधिक से अधिक बच्चों का उपचार हो सके।

एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि आरोग्यश्री योजना के तहत NIMS में पहली बार ECMO (Extracorporeal Membrane Oxygenation) सेवाओं की उपलब्धता है। हालांकि इस कैंप के दौरान किसी मरीज को इसकी आवश्यकता नहीं पड़ी, लेकिन अब यह जीवन रक्षक तकनीक पात्र मरीजों के लिए पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध होगी।

विवरण निजी अस्पताल NIMS (कैंप के तहत)
सर्जरी लागत ₹5 लाख - ₹20 लाख नि:शुल्क (Cashless)
पहुंच सीमित (उच्च आय वर्ग) व्यापक (गरीब और मध्यम वर्ग)
विशेषज्ञता निजी विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय एवं सरकारी विशेषज्ञ
क्या आप जानते हैं?: ECMO एक ऐसी उन्नत मशीन है जो तब तक हृदय और फेफड़ों का काम करती है जब तक कि वे स्वयं ठीक न हो जाएं या प्रत्यारोपण न हो जाए।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: NIMS में अब तक कितने बच्चों की सर्जरी हुई है?
उत्तर: पांच कैंपों के माध्यम से अब तक लगभग 80 बच्चों की सफल हृदय सर्जरी की गई है।

प्रश्न 2: क्या आरोग्यश्री योजना के तहत ECMO सुविधा उपलब्ध है?
उत्तर: हाँ, NIMS में अब आरोग्यश्री योजना के तहत पात्र मरीजों के लिए ECMO सेवा मुफ्त उपलब्ध है।