प्रोफेसर टेरी पिल्टनन ने बताया कि कैसे PCOS का नाम बदलकर PMOS करना केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति एक व्यापक और बहुआयामी दृष्टिकोण की शुरुआत है।

  • PCOS का नया नाम अब 'पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम' (PMOS) होगा।
  • यह बदलाव केवल अंडाशय (ovaries) तक सीमित न रहकर पूरे शरीर के मेटाबॉलिक और हार्मोनल स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करेगा।
  • इस नए दृष्टिकोण में मनोचिकित्सकों, त्वचा विशेषज्ञों और पोषण विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

दुनिया भर में हर आठ में से एक महिला को प्रभावित करने वाली स्थिति, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), अब एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है। एंडोक्राइन सोसाइटी ने इसका नाम बदलकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) कर दिया है। यह बदलाव केवल शब्दावली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बीमारी को देखने के नजरिए में एक क्रांतिकारी बदलाव का संकेत है।

ओउलू यूनिवर्सिटी अस्पताल, फिनलैंड की प्रोफेसर टेरी पिल्टनन, जो इंटरनेशनल एंड्रोजन एक्सीस एंड पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम सोसाइटी (AE-PCOS Society) की अध्यक्ष हैं, ने इस बदलाव के पीछे के गहरे कारणों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि पुराना नाम 'PCOS' इस बीमारी को केवल अंडाशय और सिस्ट तक सीमित कर देता था, जिससे इसके व्यापक हार्मोनल और मेटाबॉलिक प्रभावों की अनदेखी होती थी।

यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चिकित्सा विज्ञान अब 'अंग-केंद्रित' उपचार से हटकर 'सिस्टम-केंद्रित' उपचार की ओर बढ़ रहा है। PMOS नाम यह स्पष्ट करता है कि यह केवल प्रजनन क्षमता का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य, चयापचय (metabolism), त्वचा और समग्र जीवन स्तर से जुड़ा एक जटिल सिंड्रोम है।

"हम अब इसे अधिक समग्र तरीके से देख रहे हैं; न केवल अंडाशय को देखते हुए, बल्कि यह भी देखते हुए कि यह मूड, मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल और चयापचय को कैसे प्रभावित करता है।" - प्रोफेसर टेरी पिल्टनन

प्रोफेसर पिल्टनन के अनुसार, इस नए नाम के साथ अब उपचार में केवल स्त्री रोग विशेषज्ञ (OB-GYNs) ही नहीं, बल्कि एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologists) और पोषण विशेषज्ञ भी सक्रिय रूप से शामिल होंगे। इससे निदान की सटीकता बढ़ेगी और मरीजों को अधिक व्यक्तिगत देखभाल मिल सकेगी।

ऐतिहासिक रूप से, PCOS को अक्सर केवल प्रजनन संबंधी समस्या के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन आधुनिक जीवनशैली, उच्च कैलोरी वाला भोजन और बढ़ता तनाव इस स्थिति को और अधिक जटिल बना रहे हैं। प्रोफेसर पिल्टनन का मानना है कि आधुनिक समाज का वातावरण, जो अत्यधिक तनाव और ऊर्जा से भरपूर खाद्य पदार्थों से भरा है, महिलाओं के लिए इस सिंड्रोम के जोखिम को बढ़ा रहा है।

Did You Know?: दुनिया भर में लगभग 12.5% महिलाएं किसी न किसी रूप में PCOS या अब PMOS से प्रभावित हैं।

Frequently Asked Questions

1. PCOS और PMOS में मुख्य अंतर क्या है?
मुख्य अंतर दृष्टिकोण का है। PCOS केवल अंडाशय पर केंद्रित था, जबकि PMOS पूरे शरीर के हार्मोनल और मेटाबॉलिक तंत्र को शामिल करता है।

2. क्या इस नाम बदलने से इलाज बदल जाएगा?
हाँ, यह डॉक्टरों को मानसिक स्वास्थ्य और चयापचय प्रबंधन जैसे अन्य पहलुओं पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित करेगा।