अभिनेत्री नफ़िसा अली सोधी ने खुलासा किया है कि उनके कैंसर के इलाज में बदलाव किया गया है और अब वे 'लक्षित थेरेपी' (Targeted Therapy) ले रही हैं। PET/CT स्कैन के अनुसार उनके ओवेरियन कैंसर में प्रगति देखी गई है।
- नफ़िसा अली सोधी का कैंसर उपचार अब कीमोथेरेपी से बदलकर 'टारगेटेड थेरेपी' पर आ गया है।
- PET/CT स्कैन ने ओवेरियन/पेरिटोनियल कैंसर के बढ़ने और लिवर की सतह पर नए जमाव (deposits) का संकेत दिया है।
- टारगेटेड थेरेपी विशिष्ट आणविक परिवर्तनों को लक्षित करती है, जबकि कीमोथेरेपी तेजी से विभाजित होने वाली कोशिकाओं पर हमला करती है।
प्रसिद्ध अभिनेत्री नफ़िसा अली सोधी ने हाल ही में एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपने स्वास्थ्य अपडेट साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके कैंसर के उपचार प्रोटोकॉल में बदलाव किया गया है और अब वे लक्षित थेरेपी (Targeted Therapy) ले रही हैं। उन्होंने अपने प्रशंसकों को उनकी सकारात्मक ऊर्जा के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वे इस कठिन लड़ाई को मजबूती से लड़ रही हैं।
नफ़िसा के अनुसार, हालिया PET/CT स्कैन से पता चला है कि उनके ओवेरियन/पेरिटोनियल कैंसर में प्रगति हुई है, जिसमें लिवर की सतह पर नए जमाव (deposits) देखे गए हैं। चिकित्सा शब्दावली में 'प्रगति' (Progression) का अर्थ है कि उपचार के बावजूद बीमारी का विस्तार हुआ है या नए क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, कैंसर उपचार में कीमोथेरेपी से लक्षित थेरेपी की ओर संक्रमण एक महत्वपूर्ण मोड़ होता है। यह दर्शाता है कि डॉक्टर अब बीमारी के विशिष्ट आणविक (molecular) लक्षणों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, न कि केवल तेजी से बढ़ने वाली कोशिकाओं को।
लक्षित थेरेपी का अर्थ यह नहीं है कि कीमोथेरेपी काम करना बंद कर चुकी है, बल्कि यह कैंसर के विशिष्ट आणविक लक्ष्यों की पहचान पर आधारित एक अधिक सटीक दृष्टिकोण है।
एशियन अस्पताल के ऑन्कोलॉजी सेवाओं के अध्यक्ष, डॉ. पुनीत गुप्ता ने स्पष्ट किया कि लक्षित थेरेपी का उपयोग हर मरीज के लिए नहीं किया जा सकता। इसके लिए बायोमार्कर या आणविक परीक्षण की आवश्यकता होती है ताकि यह पता चल सके कि ट्यूमर में कोई ऐसा विशिष्ट लक्ष्य है जिसे दवा से निशाना बनाया जा सके।
कीमोथेरेपी बनाम लक्षित थेरेपी
| विशेषता | कीमोथेरेपी (Chemotherapy) | लक्षित थेरेपी (Targeted Therapy) |
|---|---|---|
| कार्य प्रणाली | तेजी से विभाजित होने वाली सभी कोशिकाओं पर हमला करती है। | विशिष्ट आणविक परिवर्तनों या मार्गों को निशाना बनाती है। |
| सटीकता | व्यापक (Broad-spectrum) प्रभाव। | अधिक सटीक और विशिष्ट (Specific)। |
| चयन का आधार | कैंसर के प्रकार और चरण पर आधारित। | बायोमार्कर और आणविक परीक्षण पर आधारित। |
डॉ. गुप्ता ने यह भी समझाया कि लिवर की सतह पर जमाव का मतलब लिवर कैंसर नहीं है। ओवेरियन कैंसर अक्सर पेट की परत (peritoneal cavity) में फैल सकता है। लिवर की बाहरी परत पर जमाव का मतलब है कि बीमारी पेट के भीतर और फैल गई है, लेकिन यह प्राथमिक लिवर ट्यूमर से अलग है।
Frequently Asked Questions
1. क्या 'कैंसर प्रगति' का मतलब है कि इलाज विफल हो गया है?
नहीं, इसका मतलब केवल यह है कि बीमारी का स्वरूप बदल गया है या वह फैल गई है, जिसके आधार पर डॉक्टर अब उपचार की रणनीति बदल रहे हैं।
2. लक्षित थेरेपी के लिए परीक्षण क्यों आवश्यक है?
यह सुनिश्चित करने के लिए कि कैंसर कोशिकाएं उस विशिष्ट दवा के प्रति संवेदनशील हैं, बायोमार्कर परीक्षण अनिवार्य है।