अहमदाबाद के ज़ायडस अस्पताल के विशेषज्ञ सर्जन्स ने उन्नत तकनीक और मल्टीडिसीप्लिनरी टीम के माध्यम से जटिल स्पाइन सर्जरी में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, मरीजों को जीवन बदलने वाला उपचार प्रदान किया जा रहा है।
- ज़ायडस अस्पताल की मल्टीडिसीप्लिनरी टीम जटिल रीढ़ की हड्डी की समस्याओं का समाधान कर रही है।
- O-Arm और IONM जैसी उन्नत 3D इमेजिंग और मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग।
- 7 वर्षीय बच्चे और 80 वर्षीय बुजुर्ग के सफल मामलों ने चिकित्सा उत्कृष्टता को साबित किया।
- जीवनशैली और ऑस्टियोपोरोसिस के कारण बढ़ती रीढ़ की समस्याओं पर ध्यान।
भारत में रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याएं एक 'साइलेंट एपिडेमिक' का रूप ले रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, पीठ के निचले हिस्से में दर्द अब दुनिया भर में विकलांगता का प्रमुख कारण बन गया है। इस गंभीर चुनौती का सामना करने के लिए, अहमदाबाद स्थित ज़ायडस अस्पताल ने एक समर्पित और बहुआयामी स्पाइन केयर टीम तैयार की है।
तकनीकी नवाचार और विशेषज्ञता का संगम
ज़ायडस के वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. नीरज वसावड़ा और डॉ. हितेश मोदी ने बताया कि कैसे वे उन्नत सर्जिकल तकनीक को अपने अनुभव के साथ जोड़ रहे हैं। जटिल मामलों को संभालने के लिए अस्पताल में O-Arm (रियल-टाइम 3D इमेजिंग) और Intraoperative Neuromonitoring (IONM) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है। ये तकनीकें सर्जरी के दौरान तंत्रिका तंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सटीक प्लेसमेंट में मदद करती हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठने और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के कारण युवाओं में भी स्पाइन डिजनरेशन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में, केवल सर्जरी ही नहीं, बल्कि एक समन्वित देखभाल (Coordinated Care) की आवश्यकता है जिसमें न्यूरोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य विशेषज्ञ शामिल हों।
हाल ही में, एक 7 वर्षीय बच्चे की सफल सर्जरी की गई जिसे कार दुर्घटना में गंभीर रीढ़ की हड्डी की चोट आई थी। सर्जिकल टीम ने 8 स्क्रू लगाकर उसकी रीढ़ को स्थिर किया, जिससे वह एक सप्ताह के भीतर ठीक होकर घर जा सका। इसी तरह, 80 वर्ष के एक बुजुर्ग मरीज, जो पार्किंसंस और मधुमेह जैसी जटिलताओं से जूझ रहे थे, उन्हें भी सफल रिভিশन सर्जरी के बाद फिर से चलने में सक्षम बनाया गया।
सही चिकित्सा देखभाल और परिवार के सहयोग से, अधिकांश रोगी अपने पुराने जीवन में वापस लौटने में सक्षम होते हैं।
Frequently Asked Questions
1. IONM तकनीक क्या है?
यह सर्जरी के दौरान तंत्रिका तंत्र की निरंतर निगरानी करती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नसों को कोई नुकसान न पहुंचे।
2. क्या जीवनशैली से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है?
हाँ, गलत पोस्चर और अत्यधिक स्क्रीन टाइम रीढ़ की हड्डी के क्षरण को तेज करते हैं।