1872 में अटलांटिक महासागर में मिले 'मैरी सेलेस्ट' जहाज की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। बिना किसी संघर्ष या लूटपाट के, जहाज पर सवार सभी 10 लोग अचानक कहाँ गायब हो गए, यह आज भी एक वैश्विक रहस्य है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 5 दिसंबर 1872 को 'मैरी सेलेस्ट' जहाज अटलांटिक महासागर में लावारिस पाया गया।
  • जहाज पर मौजूद कप्तान, उनका परिवार और चालक दल के सभी सदस्य रहस्यमय ढंग से गायब थे।
  • जहाज पर कोई लूटपाट, संघर्ष या क्षति के निशान नहीं मिले थे, जिससे यह एक 'घोस्ट शिप' बन गया।
  • इस घटना के पीछे समुद्री राक्षसों से लेकर शाप तक के कई सिद्धांत प्रचलित हैं।

समुद्र की विशाल गहराइयों में कई ऐसे रहस्य दफन हैं जो मानव मस्तिष्क की कल्पना से परे हैं। इन्हीं में से सबसे भयावह और चर्चित रहस्य है 'मैरी सेलेस्ट' (Mary Celeste) की कहानी। यह केवल एक जहाज की कहानी नहीं है, बल्कि इतिहास की सबसे बड़ी अनसुलझी पहेलियों में से एक है, जिसने दशकों से वैज्ञानिकों, इतिहासकारों और रहस्य प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है।

खौफनाक मंजर: एक चलता-फिरता खाली जहाज

घटना की शुरुआत 5 दिसंबर 1872 को हुई, जब ब्रिटिश जहाज 'डेई ग्राशिया' (Dei Gratia) के कप्तान डेविड मोरहाउस ने अटलांटिक महासागर में अजोरेस द्वीप समूह के पास एक जहाज को डगमगाते हुए देखा। जब मोरहाउस के दल ने बचाव के लिए मैरी सेलेस्ट पर कदम रखा, तो जो उन्होंने देखा वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था। जहाज पूरी तरह से चालू स्थिति में था, पाल थोड़े क्षतिग्रस्त थे और कुछ पानी भी भरा था, लेकिन जहाज पर एक भी जीवित इंसान मौजूद नहीं था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जहाज पर रखा सारा सामान, भोजन, पानी और कीमती माल सुरक्षित था। न तो कहीं खून के छींटे थे, न ही किसी संघर्ष के निशान। ऐसा लग रहा था मानो चालक दल के लोग बस एक पल के लिए जहाज छोड़कर कहीं गए हों और फिर कभी वापस नहीं आए। कप्तान बेंजामिन एस. ब्रिग्स, उनकी पत्नी, दो साल की बेटी और चालक दल के बाकी सदस्य हवा में विलीन हो गए थे।

शाप या समुद्री त्रासदी? प्रचलित सिद्धांत

इस घटना के बाद से ही 'मैरी सेलेस्ट' को 'घोस्ट शिप' (Ghost Ship) का नाम दे दिया गया। इतिहासकारों और विशेषज्ञों ने इस रहस्य को सुलझाने के लिए कई थ्योरी पेश की हैं। कुछ का मानना है कि जहाज पर लदे 1,700 बैरल कच्चे अल्कोहल से निकली गैस के कारण विस्फोट का डर पैदा हुआ होगा, जिससे चालक दल घबराकर लाइफबोट में आ गया। वहीं, कुछ लोग इसे समुद्री राक्षसों (जैसे विशाल ऑक्टोपस) या अलौकिक शक्तियों का काम मानते हैं।

एक और डरावना सिद्धांत जहाज के 'शापित' होने से जुड़ा है। कहा जाता है कि इस जहाज का मूल नाम 'अमेजन' था और इसकी यात्राओं के दौरान कई कैप्टन की रहस्यमय मौत हुई थी। हर नया मालिक इस जहाज के साथ दुर्भाग्य का शिकार हुआ। क्या वाकई मैरी सेलेस्ट के साथ कुछ ऐसा हुआ था जिसे विज्ञान आज तक नहीं समझा पाया? यह सवाल आज भी अटलांटिक की लहरों के साथ गूंजता रहता है।