तिरुपति-पल्पानाई-थुवकुडी सर्विस रोड के निर्माण में चौड़ाई कम करने के सरकारी प्रस्ताव के खिलाफ निवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन ने मांग की है कि 45 मीटर की चौड़ाई के बजाय 33 मीटर का प्रस्ताव रद्द किया जाए।
मुख्य बिंदु
- निवासियों ने सर्विस रोड की चौड़ाई 45 मीटर से घटाकर 33 मीटर करने का विरोध किया है।
- फेडरेशन ने सरकार से वर्तमान भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की है।
- मद्रास उच्च न्यायालय ने 2019 में 45 मीटर चौड़ाई का निर्देश दिया था।
- यदि मांग पूरी नहीं हुई, तो 5,000 याचिकाएं मुख्यमंत्री को भेजी जाएंगी।
तिरुपति के निवासियों ने राज्य सरकार से सर्विस रोड निर्माण के लिए शुरू की गई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को रोकने का आग्रह किया है। फेडरेशन ऑफ रिट्रीवल ऑफ तिरुची पल्पानाई-थुवकुडी सर्विस रोड ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया कि प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई को 45 मीटर से घटाकर 33 मीटर करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
निवासियों का तर्क है कि यदि सड़क की चौड़ाई कम कर दी जाती है, तो सर्विस रोड बनाने का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। गौरतलब है कि मद्रास उच्च न्यायालय ने वर्ष 2019 में स्पष्ट रूप से कहा था कि सड़क की चौड़ाई 45 मीटर होनी चाहिए। इसी आदेश के आधार पर, 2021 में अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण के लिए भूमिधारकों के दस्तावेजों की जांच और संग्रह किया था।
क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बुनियादी ढांचे के विकास में पारदर्शिता और न्यायिक आदेशों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रशासन 2021 के सर्वेक्षण के बजाय कम चौड़ाई वाले नए प्रस्ताव पर आगे बढ़ता है, तो यह न केवल भविष्य की यातायात व्यवस्था को प्रभावित करेगा बल्कि नागरिकों के संपत्ति अधिकारों का भी उल्लंघन होगा।
सड़क की चौड़ाई में कटौती न केवल यातायात के प्रवाह को बाधित करेगी, बल्कि यह पूर्व में दिए गए न्यायिक आदेशों की अवहेलना भी है।
फेडरेशन के मुख्य आयोजक एस. शक्तिवेल ने कहा कि 50 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से याचिकाएं भेजी जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 45 मीटर चौड़ी सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण जारी नहीं रखा, तो वे मुख्यमंत्री को 5,000 व्यक्तिगत याचिकाएं भेजकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वर्ष 2021 में, जिला प्रशासन ने 45 मीटर की चौड़ाई वाली सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने हेतु सर्वेक्षण किया था। हालांकि, हालिया प्रशासनिक बदलावों के कारण चौड़ाई को कम करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय आबादी में भारी असंतोष है।
| विशेषता | न्यायालय/2021 प्रस्ताव | वर्तमान सरकारी प्रस्ताव |
|---|---|---|
| प्रस्तावित चौड़ाई | 45 मीटर | 33 मीटर |
| स्थिति | मान्य/अनुशंसित | विवादास्पद |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. निवासी किस चौड़ाई की मांग कर रहे हैं?
निवासी 45 मीटर की चौड़ाई की मांग कर रहे हैं, जैसा कि मद्रास उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था।
2. यदि सरकार नहीं मानती तो क्या होगा?
निवासी मुख्यमंत्री को 5,000 याचिकाएं भेजकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दे चुके हैं।