मलेशिया के तट पर स्थित 'ईस्टर्न आउटर पोर्ट लिमिट्स' (EOPL) ईरानी तेल के अवैध व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, जहाँ अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद तेल का बड़े पैमाने पर लेनदेन हो रहा है।

मुख्य बातें

  • मलेशियाई तट के पास EOPL क्षेत्र ईरानी तेल के लिए एक अनौपचारिक बाजार के रूप में काम कर रहा है।
  • ईरानी तेल टैंकर अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर देते हैं।
  • चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियां इन प्रतिबंधों से बचकर सस्ते ईरानी तेल की मुख्य खरीदार हैं।
  • अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बावजूद इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही कम नहीं हुई है।

हाल ही में, ईरानी तेल टैंकर 'Humanity' को मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य से गुजरते हुए देखा गया, जिसके बाद उसने मलेशिया के तट की ओर रुख किया और अचानक अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर दिया। सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि यह 330 मीटर लंबा टैंकर मलेशिया के ईस्टर्न आउटर पोर्ट लिमिट्स (EOPL) में पहुंचा है, जो दक्षिण चीन सागर में एक विशाल समुद्री क्षेत्र है।

समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'Humanity' ने अपनी पहचान छिपाने के लिए 'डार्क' मोड का इस्तेमाल किया ताकि वह बीच रास्ते में ही किसी तीसरे पक्ष (middleman) को तेल का हस्तांतरण कर सके। इस तेल का अंतिम गंतव्य संभवतः चीन है, जो ऐतिहासिक रूप से ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90% हिस्सा खरीदता है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि EOPL जैसे क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कानून की सीमाओं का फायदा उठाते हैं। यह क्षेत्र मलेशिया के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर तो है, लेकिन मलेशियाई क्षेत्रीय जल से बाहर है, जिससे इस पर निगरानी रखना और कानून लागू करना कठिन हो जाता है।

ईरानी तेल की बिक्री को छिपाने के लिए जहाज-से-जहाज (ship-to-ship) हस्तांतरण का उपयोग किया जा रहा है, जिससे तेल के मूल स्रोत को पहचानना लगभग असंभव हो जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की छोटी 'टीपॉट' रिफाइनरियां अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से कम जुड़ी होने के कारण इन प्रतिबंधों से आसानी से बच जाती हैं। ये रिफाइनरियां सीधे तौर पर नहीं, बल्कि बिचौलियों के माध्यम से रियायती दरों पर ईरानी तेल खरीदती हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दशकों से, EOPL का उपयोग ईरान, रूस और वेनेजुएला जैसे देशों के प्रतिबंधित तेल के लिए एक अनौपचारिक बाजार के रूप में किया जाता रहा है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर चल रहे तनाव और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बावजूद, इस क्षेत्र में जहाजों की गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई है।

क्या आप जानते हैं?: मलेशिया के EOPL क्षेत्र में किसी भी समय लगभग 200 जहाज खड़े हो सकते हैं, जिनमें से आधे का संबंध ईरान से होने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. जहाज अपना AIS क्यों बंद कर देते हैं?
जहाज अपनी पहचान छिपाने और अवैध रूप से तेल का हस्तांतरण करने के लिए AIS बंद कर देते हैं ताकि सैटेलाइट ट्रैकिंग से बचा जा सके।

2. चीन इस तेल का उपयोग कैसे करता है?
चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियां अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग नेटवर्क (SWIFT) के बजाय अपने स्वयं के भुगतान तंत्र का उपयोग करके इस तेल को खरीदती हैं।