पश्चिमी टिग्रे में इथियोपियाई संघीय बलों और TPLF के बीच भारी संघर्ष शुरू हो गया है, जिससे 2022 का प्रिटोरिया शांति समझौता खतरे में पड़ गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

  • पश्चिमी टिग्रे के शेरारो क्षेत्र में भारी गोलीबारी और संघर्ष की खबरें।
  • 2022 के प्रिटोरिया शांति समझौते का उल्लंघन होने की आशंका।
  • दोनों पक्षों (इथियोपिया सरकार और TPLF) ने एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगाया है।
  • अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा मध्यस्थता की तत्काल आवश्यकता।

इथियोपिया के पश्चिमी टिग्रे क्षेत्र में भीषण संघर्ष शुरू हो गया है, जिसे संघीय सरकार और TPLF (तिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट) के बीच तीन साल पुराने शांति समझौते का सबसे गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, शनिवार तड़के शेरारो के पास से संघीय बलों ने हमला किया, जिससे क्षेत्र में भारी तनाव पैदा हो गया है।

तिग्रे की क्षेत्रीय सरकार ने मेकेले से एक बयान जारी कर कहा कि इथियोपियाई सेनाओं ने हमला किया है। वहीं, सरकार के मंत्री अब्राहम बेले ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संघर्ष की शुरुआत TPLF के अध्यक्ष डेब्रेट्सियन गेब्रेमाइकल की ताकतों ने की है। बेले ने सोशल मीडिया पर अपील की कि युद्ध को रोका जाए और मतभेदों को बातचीत से सुलझाया जाए।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह संघर्ष केवल दो समूहों के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह पूरे हॉर्न ऑफ अफ्रीका की स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। यदि यह हिंसा बढ़ती है, तो यह 2022 के प्रिटोरिया समझौते को पूरी तरह से समाप्त कर सकती है, जिससे क्षेत्र में एक बड़े गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है।

यह संघर्ष 2022 के शांति समझौते के बाद से अब तक की सबसे गंभीर घटना है, जो संघर्ष के मूल कारणों को अनसुलझा छोड़ गया है।

विद्वानों का मानना है कि महीनों से जारी तनाव, ड्रोन हमलों और आर्थिक नाकाबंदी ने इस स्थिति को विस्फोटक बना दिया है। हाल ही में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी शांति प्रक्रिया में बाधा डालने वाले TPLF के 'कट्टरपंथियों' पर प्रतिबंध लगाए थे, जिसने संबंधों को और अधिक जटिल बना दिया है।

क्या आप जानते हैं?: 2022 का प्रिटोरिया समझौता इथियोपिया में हुए उस भीषण युद्ध को समाप्त करने के लिए किया गया था जिसमें लाखों लोग प्रभावित हुए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. संघर्ष का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण निशस्त्रीकरण और TPLF की कानूनी स्थिति जैसे अनसुलझे मुद्दे हैं, जिन्हें प्रिटोरिया समझौते में पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया था।

2. क्या अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है?
हाँ, क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि एक शक्तिशाली अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के बिना इथियोपिया एक बड़े युद्ध की ओर बढ़ सकता है।