पुरातत्वविद् ई. शिवनगिरिरेड्डी द्वारा लिखित 'माइलस्टोन्स इन द हिस्ट्री ऑफ तेलंगाना' पुस्तक का बाल्टिमोर में 19वें अमेरिकन तेलुगु एसोसिएशन (ATA) सम्मेलन के दौरान भव्य विमोचन किया गया। यह पुस्तक तेलंगाना की महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोजों का विस्तृत दस्तावेजीकरण करती है।
मुख्य बातें
- पुरातत्वविद् ई. शिवनगिरिरेड्डी द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन।
- 19वां अमेरिकन तेलुगु एसोसिएशन (ATA) सम्मेलन, बाल्टिमोर में कार्यक्रम आयोजित।
- तेलंगाना के ऐतिहासिक और पुरातात्विक मील के पत्थरों का विस्तृत वर्णन।
बाल्टिमोर, अमेरिका: तेलंगाना के समृद्ध इतिहास और पुरातात्विक विरासत को वैश्विक मंच पर रखते हुए, पुरातत्वविद् और प्लीच इंडिया फाउंडेशन के सीईओ ई. शिवनगिरिरेड्डी द्वारा लिखित पुस्तक 'माइलस्टोन्स इन द हिस्ट्री ऑफ तेलंगाना' का आधिकारिक विमोचन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम बाल्टिमोर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 19वें अमेरिकन तेलुगु एसोसिएशन (ATA) सम्मेलन के दौरान संपन्न हुआ।
इस पुस्तक का विमोचन ATA साहित्यिक विंग के अध्यक्ष वेणु नक्षत्रम और तेलंगाना सरकार के भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक एनुगु नरसिम्हा रेड्डी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह कार्य तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह पुस्तक केवल एक साहित्यिक कृति नहीं है, बल्कि तेलंगाना की प्राचीन सभ्यता और उसके विकास क्रम को समझने के लिए एक वैज्ञानिक दस्तावेज है। पिछले 40 वर्षों के शोध का निचोड़ इस पुस्तक में देखने को मिलता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शिका का काम करेगी।
तेलंगाना की पुरातत्व संबंधी खोजें भारत के दक्षिण-मध्य इतिहास को एक नया आयाम प्रदान करती हैं।
ATA अध्यक्ष जयंत चाला, निर्वाचित अध्यक्ष सतीश रेड्डी रामसाहयम और श्रीधर बनला ने श्री शिवनगिरिरेड्डी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने तेलंगाना के इतिहास के अध्ययन में उनके चार दशकों के समर्पित योगदान की सराहना की।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तेलंगाना का इतिहास सदियों पुराना है, जिसमें मौर्य, सातवाहन और काकतीय राजवंशों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस तरह की पुस्तकें राज्य की लुप्त होती सांस्कृतिक कड़ियों को जोड़ने में मदद करती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. इस पुस्तक के लेखक कौन हैं?
इस पुस्तक के लेखक प्रसिद्ध पुरातत्वविद् और प्लीच इंडिया फाउंडेशन के सीईओ ई. शिवनगिरिरेड्डी हैं।
2. पुस्तक का विमोचन कहाँ हुआ?
पुस्तक का विमोचन अमेरिका के बाल्टिमोर में 19वें अमेरिकन तेलुगु एसोसिएशन (ATA) सम्मेलन के दौरान हुआ।