इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित गाजा युद्धविराम मसौदे को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हमास पूरी तरह से निशस्त्र नहीं हो जाता, इजरायल गाजा से पीछे नहीं हटेगा।

मुख्य बातें

  • नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन के गाजा शांति मसौदे को स्वीकार करने से मना कर दिया है।
  • इजरायल का रुख स्पष्ट है: हमास के निशस्त्रीकरण के बिना कोई सैन्य वापसी नहीं।
  • इस फैसले से अमेरिका समर्थित युद्धविराम समझौते पर अनिश्चितता बढ़ गई है।
  • गाजा में हिंसा और विस्थापन का संकट अभी भी जारी है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इजरायल गाजा में अपनी वर्तमान सैन्य स्थितियों को तब तक नहीं छोड़ेगा जब तक कि हमास पूरी तरह से निशस्त्र नहीं हो जाता। उनके इस बयान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समर्थित हालिया युद्धविराम समझौते पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नेतन्याहू का यह रुख ट्रंप प्रशासन के साथ एक दुर्लभ सार्वजनिक असहमति को दर्शाता है। प्रस्तावित समझौते के तहत हमास को निशस्त्र होना था और बदले में इजरायल को गाजा के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से से अपनी सेना हटानी थी। हालांकि, नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल इस मसौदे से सहमत नहीं है और उन्होंने अपनी आपत्तियां दर्ज करा दी हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि नेतन्याहू का यह निर्णय अक्टूबर में होने वाले इजरायली चुनावों और उनके राजनीतिक अस्तित्व से गहराई से जुड़ा है। यदि वे समझौता करते हैं, तो उन्हें घरेलू स्तर पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। इस गतिरोध के कारण गाजा में शांति की उम्मीदें फिर से धुंधली हो गई हैं।

नेतन्याहू का निशस्त्रीकरण पर जोर देना यह दर्शाता है कि इजरायल सुरक्षा को किसी भी कूटनीतिक समझौते से ऊपर रखता है।

इस बीच, गाजा में मानवीय स्थिति भयावह बनी हुई है। हाल ही में एक इजरायली हमले में मारे गए 100 से अधिक लोगों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध और संघर्ष के कारण अब तक 73,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले ने इस युद्ध की नींव रखी थी, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान चलाया, जिससे गाजा की बुनियादी संरचना पूरी तरह नष्ट हो गई और लाखों लोग विस्थापित हो गए।

क्या आप जानते हैं?: गाजा में वर्तमान संघर्ष के कारण लगभग 20 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं और वे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले तंबू शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. नेतन्याहू ने ट्रंप के प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?
नेतन्याहू का कहना है कि इजरायल तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक हमास अपने हथियार नहीं डाल देता।

2. ट्रंप के मसौदे में क्या था?
मसौदे में हमास के निशस्त्रीकरण और इजरायल द्वारा गाजा के 60% नियंत्रित क्षेत्र से वापसी का प्रस्ताव था।