ईरान ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित पारगमन के लिए ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। दोनों देश नए समुद्री मार्गों के भौगोलिक निर्देशांकों पर सहमत हो गए हैं।

मुख्य बातें

  • ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नए समुद्री मार्गों के भौगोलिक निर्देशांकों पर सहमति जताई है।
  • यह समझौता वाणिज्यिक शिपिंग के लिए एक सुरक्षित मार्ग निर्धारित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
  • नए मार्ग का एक बड़ा हिस्सा ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से होकर गुजरेगा।
  • अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से भविष्य के पारगमन मार्गों को लेकर ओमान के साथ चल रही बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बगहाई ने बुधवार को बताया कि पिछले दो महीनों से जारी वार्ताओं के परिणामस्वरूप अब दोनों पक्षों ने प्रस्तावित मार्गों के भौगोलिक निर्देशांकों (coordinates) पर सहमति बना ली है।

ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबबादी ने जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच लगभग सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझ बन गई है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, समुद्री यातायात के लिए प्रवेश और निकास मार्गों के स्थान भी तय कर लिए गए हैं। योजना के अनुसार, शिपिंग मार्ग का एक बड़ा हिस्सा ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरेगा, जबकि कुछ हिस्से ओमान के जलक्षेत्र में होंगे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक है। वर्तमान में, अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के कारण इस जलमार्ग के बंद होने से दुनिया के तेल और एलएनजी (LNG) निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत बाधित हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया है। यह समझौता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ईरान अपनी सैन्य उपलब्धियों को केवल सुरक्षित करने के लिए बातचीत कर रहा है, न कि उन्हें छोड़ने के लिए।

हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता जलमार्ग को पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाता है। बगहाई ने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और 'जायोनी शासन' (इजरायल) की आक्रामकता अभी भी सुरक्षा के लिए बड़े खतरे बने हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान की नौसेना की नाकाबंदी के हिस्से के रूप में वाणिज्यिक जहाजों को रोकने और उन पर कार्रवाई करने की अपनी गतिविधियों को जारी रखा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

होर्मुज जलडमरूमध्य रणनीतिक रूप से इतना संवेदनशील है कि इसका नियंत्रण वैश्विक तेल आपूर्ति की धड़कन माना जाता है। फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से इस क्षेत्र में तनाव चरम पर है, जिससे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का उपयोग बाधित हुआ है।

क्या आप जानते हैं?: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% से अधिक हिस्सा नियंत्रित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. ईरान और ओमान के बीच इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से एक सुरक्षित और निर्धारित पारगमन मार्ग सुनिश्चित करना है।

2. क्या इस नए मार्ग से वैश्विक तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा?
हाँ, यदि यह मार्ग सफल होता है और तनाव कम होता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता ला सकता है और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।