हिरोशिमा पर परमाणु हमले की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर, दुनिया एक बार फिर परमाणु युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था के ढहने के साथ ही परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन की मांग तेज हो गई है।

मुख्य बिंदु

  • वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था वर्तमान में गंभीर संकट और पतन के दौर से गुजर रही है।
  • परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के लक्ष्य, विशेष रूप से परमाणु निरस्त्रीकरण, खतरे में हैं।
  • रूस और अमेरिका के पास हजारों परमाणु हथियार हैं, जबकि अन्य देश भी परमाणु क्षमता हासिल करने की होड़ में हैं।
  • परमाणु हथियारों के पूर्ण प्रतिबंध के लिए एक नई वैश्विक संधि की तत्काल आवश्यकता है।

दुनिया आज एक गहरे संकट में है। जिस 'नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था' को शांति का रक्षक माना जाता था, वह अब उन्हीं शक्तिशाली देशों द्वारा कमजोर की जा रही है जिन्होंने इसे बनाया था। विशेष रूप से अमेरिका जैसे देशों की भू-राजनीतिक नीतियों ने वैश्विक स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। आज सैन्य शक्ति मानवीय मूल्यों और नैतिक मानदंडों पर हावी हो रही है।

परमाणु अप्रसार संधि (NPT) की विफलता

परमाणु आपदा को रोकने के लिए परमाणु अप्रसार संधि (NPT) को सबसे महत्वपूर्ण उपकरण माना जाता था। हालांकि, यह संधि दुनिया को 'परमाणु संपन्न' (P5 समूह) और 'परमाणु विहीन' देशों में विभाजित करती है। समस्या यह है कि P5 देशों ने निरस्त्रीकरण के अपने वादों को पूरा करने के बजाय अपने हथियारों की मारक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

बढ़ता हुआ परमाणु खतरा

आज की स्थिति पिछले कुछ वर्षों की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक है। रूस और अमेरिका के पास 5,000 से अधिक परमाणु हथियार हैं, जबकि चीन के पास भी एक विशाल भंडार है। इसके अलावा, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल जैसे देश भी इस परमाणु दौड़ का हिस्सा हैं। इजरायल की 'रणनीतिक अस्पष्टता' (Strategic Ambiguity) मध्य पूर्व में अस्थिरता को और बढ़ाती है।

बोजोकमीडिया विश्लेषण: क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि पारंपरिक 'निवारण सिद्धांत' (Deterrence Theory) अब पर्याप्त नहीं है। जब राष्ट्रों के प्रमुख आक्रामक या निरंकुश हो जाते हैं, तो परमाणु हथियारों का डर केवल विनाश की संभावना को बढ़ाता है। केवल NPT की औपचारिक समीक्षाएं पर्याप्त नहीं हैं; दुनिया को परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए एक ठोस और बाध्यकारी संधि की आवश्यकता है।

परमाणु हथियारों का अस्तित्व मानवता के लिए एक निरंतर बना रहने वाला अस्तित्वगत खतरा है जिसे केवल पूर्ण उन्मूलन से ही समाप्त किया जा सकता है।
क्या आप जानते हैं?: हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने के 81 साल बाद भी, दुनिया के पास लगभग 12,000 से अधिक परमाणु हथियार मौजूद हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. NPT का मुख्य उद्देश्य क्या है?
NPT का उद्देश्य परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना, परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना और परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में काम करना है।

2. 'नो फर्स्ट यूज़' नीति क्या है?
यह एक सैन्य सिद्धांत है जिसमें देश यह वादा करते हैं कि वे किसी भी संघर्ष में पहले परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं करेंगे। भारत और चीन इस नीति का पालन करते हैं।