कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट पर लेजर लाइट मारी गई, जिससे पायलट की आंखें चौंधिया गईं। गनीमत रही कि पायलट की सूझबूझ से सभी 159 यात्री सुरक्षित बच गए।
मुख्य बातें
- मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-184 पर लैंडिंग के वक्त लेजर लाइट का निशाना बनाया गया।
- पायलट की आंखों में रोशनी पड़ने के कारण विमान को तुरंत हवा में वापस मोड़ना पड़ा।
- विमान में सवार सभी 159 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार रात एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते रह गया। कुआलालंपुर, मलेशिया से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-184, जिसमें 159 यात्री सवार थे, जब रनवे से महज 15 किलोमीटर दूर थी, तभी अचानक कॉकपिट की ओर एक बेहद शक्तिशाली लेजर लाइट चमकाई गई।
इस अचानक हुई घटना से पायलट की आंखें कुछ पलों के लिए पूरी तरह चौंधिया गईं, जिससे विमान के नियंत्रण पर खतरा मंडराने लगा। हालांकि, पायलट ने त्वरित निर्णय लेते हुए लैंडिंग की प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया और विमान को सुरक्षित रूप से वापस हवा में मोड़ लिया। लगभग पांच मिनट तक आसमान में चक्कर लगाने के बाद, विमान को दोबारा सही तरीके से लैंड कराया गया।
क्यों है यह चिंता का विषय?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि एयरपोर्ट के आसपास लेजर लाइट का उपयोग न केवल एक सुरक्षा उल्लंघन है, बल्कि यह विमान के चालक दल के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान पायलटों का ध्यान पूरी तरह रनवे और इंस्ट्रूमेंटेशन पर होना चाहिए। लेजर की चमक दृष्टि को अस्थायी रूप से अंधा कर सकती है, जिससे विमान दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।
विमानन सुरक्षा के लिहाज से लेजर लाइट का इस्तेमाल एक गंभीर अपराध है जो सैकड़ों जिंदगियों को खतरे में डाल सकता है।
इस घटना के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। पुलिस अब मध्यमग्राम और बारासात के उन इलाकों की जांच कर रही है, जहाँ से यह रोशनी छोड़ी गई थी।
ऐतिहासिक संदर्भ और पिछली घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब लेजर लाइट ने विमानन सुरक्षा को चुनौती दी है। इससे पहले 2025 में दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब के लेजर शो को भी पायलटों की शिकायतों के बाद बंद करना पड़ा था। इसके अलावा, हाल ही में एयर इंडिया की एक उड़ान में भी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां देखी गई थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या विमान में सवार यात्री सुरक्षित हैं?
हाँ, विमान में सवार सभी 159 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और विमान की लैंडिंग सुरक्षित तरीके से की गई।
2. लेजर लाइट विमान के लिए कितनी खतरनाक है?
लेजर लाइट पायलट की दृष्टि को बाधित कर सकती है, जिससे महत्वपूर्ण लैंडिंग या टेकऑफ के दौरान विमान का संतुलन बिगड़ सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है।