ईस्ट एशिया समिट में विदेश मंत्री एस. जैसिंकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को सुरक्षित और बिना बाधा के रहना चाहिए। उन्होंने समुद्री आतंकवाद, पर्शियन गल्फ संघर्ष और म्यांमार में राजनीतिक समाधान की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मुख्य बिंदु

  • अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को सुरक्षित और बिना बाधा के होना चाहिए।
  • समुद्री आतंकवादी हमलों को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • भारत एशिया-प्रशांत में मुक्त, खुला और समृद्ध माहौल का समर्थन करता है।

समारोह का सारांश

मनीला में आयोजित 21वें ईस्ट एशिया समिट में भारत के विदेश मंत्री एस. जैसिंकर ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को सुरक्षित और बाधारहित रहना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप।”

जैसिंकर ने पर्शियन गल्फ में चल रहे संघर्ष को हल करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता बताई और म्यांमार में सशस्त्र समूहों के खिलाफ राजनीतिक समाधान की वकालत की।

समिट में भारत ने दक्षिण चीन सागर में कानूनी रूप से बाध्यकारी कोड ऑफ़ कॉण्डक्ट (CoC) के निर्माण की वकालत की, जो यूएनसीएलओएस 1982 के अनुरूप हो। उन्होंने ASEAN के केंद्रीय भूमिका और इंडो‑पैसिफिक की स्थिरता पर भी प्रकाश डाला।

इसी दौरान, भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक दार के कश्मीर और इन्डस जल संधि (IWT) पर बयान को “बिलकुल बेबुनियाद” कहा। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने मल्टीलेटरल मंच का दुरुपयोग करके गलत जानकारी फैलाई है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इन्डस जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों के वितरण को लेकर हस्ताक्षरित हुई थी। 2025 में पहल्गाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने इस संधि को “अस्थायी रूप से रोका” (abeyance) रखा है, जिससे दोनों देशों के बीच जल विवाद फिर से ताजा हो गया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that uninterrupted maritime trade is a linchpin for global supply chains; any disruption can trigger spikes in energy, food and commodity prices, disproportionately affecting the Global South.

“अगर समुद्री मार्ग सुरक्षित नहीं रहेंगे तो विश्व अर्थव्यवस्था का संतुलन बिगड़ जाएगा,” ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा कहा।
Did You Know?: 2024 में विश्व स्तर पर समुद्री हमलों में 15% की वृद्धि दर्ज हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत ने दक्षिण चीन सागर में कोड ऑफ़ कॉण्डक्ट के लिए क्या प्रस्ताव रखा है?

उत्तर: भारत ने एक प्रभावी, कानूनी रूप से बाध्यकारी और UNCLOS‑1982 के अनुरूप CoC की मांग की है, जो सभी उपयोगकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा करेगा।

प्रश्न 2: इन्डस जल संधि को रोका जाने का मुख्य कारण क्या है?

उत्तर: 2025 में पहल्गाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने सुरक्षा कारणों से संधि को अस्थायी रूप से रोक दिया।