इटली की प्रधानमंत्री जियोर्गिया मे़लोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ निकट संबंध बनाने के प्रयासों पर कोई पछतावा नहीं जताया। नाटो शिखर सम्मेलन में दोनेत्रियों के बीच झटके के बावजूद, मे़लोनी ने पश्चिमी एकजुटता के सिद्धांत को दोहराया।
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्गिया मे़लोनी ने बुधवार को नाटो शिखर सम्मेलन के बाद स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह ट्रम्प के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने के अपने कदम पर कोई पछतावा नहीं रखती। यह बयान कई हफ्तों से चल रही सार्वजनिक टकराव के बीच आया, जिसमें इटली‑अमेरिका संबंधों में नई दूरी स्पष्ट हो रही थी।
पृष्ठभूमि
मे़लोनी को पहले यूरोप में ट्रम्प की सबसे करीबी सहयोगी माना जाता था। 2021 में वह एकमात्र यूरोपीय प्रधान मंत्री थीं जिन्होंने ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया, और कई बार वाशिंगटन‑रोमन संबंधों के पुल के रूप में उल्लेखित हुईं। यह सहयोग इटली‑अमेरिका के बीच रक्षा, ऊर्जा और प्रवास नीति पर सामंजस्य दर्शाता था।
संबंधों का झटका
हालांकि, संबंध धीरे‑धीरे क्षीण होते दिखे। मे़लोनी ने इरान के खिलाफ पॉप लेओ के बयान पर ट्रम्प की आलोचना की, जिससे दोनो देशों के बीच सार्वजनिक टकराव शुरू हुआ। इसके बाद इटली ने अमेरिकी सैन्य विमानों को सिगोनेला हवाई अड्डे पर ठहराने से इंकार कर दिया, जिससे मध्य‑पूर्व में अमेरिकी रणनीतिक कदमों पर असर पड़ा। ट्रम्प ने इस निर्णय को “इटली की अनिच्छा” के रूप में लेबल किया और मे़लोनी को “समर्थन नहीं करने” के लिए आलोचना की, परन्तु उसे “एक अच्छा व्यक्ति” भी कहा।
नाटो शिखर सम्मेलन में तनाव
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रम्प ने दावा किया कि मे़लोनी ने फोटो के लिए उनसे “भिखारी” किया, जिसे मे़लोनी ने “बिलकुल झूठ” कहकर खारिज किया। शिखर सम्मेलन के दिनों में दोनों नेताओं के बीच शारीरिक दूरी स्पष्ट थी; समूह फोटो में कोई निकट संपर्क नहीं दिखा, और नाटो के डिनर में भी दोनों ने एक‑दूसरे से दूरी बनाए रखी। यह दृश्य पिछले वर्ष के गर्म अभिवादन के विपरीत था, जो दोनो देशों के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक माना गया।
भविष्य की दिशा
मे़लोनी ने कहा, “मेरे लिए इटली के राष्ट्रीय हित सबसे पहले हैं, और पश्चिमी एकजुटता का सिद्धांत हमेशा मेरे कार्यों का मार्गदर्शक रहा है।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रवास, ‘वोक’ संस्कृति आदि मुद्दों पर अभी भी कुछ सामंजस्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सार्वजनिक असहमति के बावजूद, इटली‑अमेरिका के रणनीतिक हितों में गहरी जड़ें हैं, और दोनों पक्ष जल्द ही परस्पर लाभकारी सहयोग की नई राह तलाश सकते हैं।