संयुक्त राज्य अमेरिका ने लारेंस बिश्नोई और उनके सहयोगी गोल्डी ब्रार को 2023 में कनाडा में हर्दीप सिंह नियार की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया। इस कदम से भारत-कनाडा के कूटनीतिक रिश्ते और दक्षिण एशियाई संगठित अपराध पर नई जाँच की लहर चल पड़ी है।

वाशिंगटन – अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 8 जुलाई, 2026 को एक आधिकारिक बयान में कहा कि जेल में बंद ग़ैंगस्टर लारेंस बिश्नोई और उनके सहयोगी सतीन्द्रजीत सिंह, उर्फ़ गोल्डी ब्रार ने 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में हर्दीप सिंह नियार की हत्या का आदेश दिया था। नियार, जो एक स्पष्ट खालिस्तान समर्थक और प्रोटेस्टेंट ग़ुरद्वारा के पास अक्सर उपस्थित रहते थे, को एक गनमैन द्वारा गोली मार कर मार दिया गया था।

पृष्ठभूमि और कूटनीतिक प्रभाव

हर्दीप सिंह नियार को 2020 में भारत ने आतंकवादी घोषित किया था। उनकी हत्या के बाद, तब के कैनेडियन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय सरकारी एजेंटों को इस हत्याकांड में शामिल करने का आरोप लगाया, जिससे भारत-कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में गंभीर तनाव उत्पन्न हुआ। इस आरोप के जवाब में भारत ने कूटनीतिक स्तर पर प्रतिवाद किया, लेकिन अब अमेरिकी न्याय विभाग की नई कार्रवाई से मामले में एक अंतरराष्ट्रीय आयाम जुड़ गया है।

अमेरिकी जाँच और ऑपरेशन हार्ड बॉल

DoJ ने बताया कि यह मामला कई देशों में चल रही एक बड़ी जाँच का हिस्सा है, जिसका कोड‑नाम "ऑपरेशन हार्ड बॉल" है। इस ऑपरेशन में अमेरिकी, कैनेडियन और यूरोपीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलकर 37 आरोपी, जिनमें एक पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर भी शामिल है, को विभिन्न आरोपों में फँसाया। इस जाँच का उद्देश्य दक्षिण एशियाई संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ना और उनके अंतरराष्ट्रीय धन‑धोखाधड़ी, ड्रग तस्करी, और हत्याओं को समाप्त करना है।

रिवॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

फेडरल ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टिगेशन (FBI) ने गोल्डी ब्रार के गिरफ्तार होने और प्रत्यर्पण के लिए $50,000 का इनाम घोषित किया है। बिश्नोई अभी अहमदाबाद के साबरमती जेल में हैं, जबकि उनके कई सहयोगियों को यू.एस., कैनेडा और स्पेन में हिरासत में ले लिया गया है। FBI के अनुसार, इस समूह का नेटवर्क अमेरिका, कनेडा, यूके, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड तक फैला हुआ है, जिसमें 1,000 से अधिक सदस्य शामिल हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

इस जाँच के परिणामस्वरूप भारत-कनाडा के कूटनीतिक संबंधों में सुधार की संभावनाएँ बन सकती हैं, क्योंकि अब अमेरिकी समर्थन के साथ एक ठोस कानूनी कार्रवाई सामने है। साथ ही, दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय में अपराध के खिलाफ एक सशक्त संदेश भेजा जा रहा है, जो भविष्य में ऐसे अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को रोकने में मददगार हो सकता है।